{"_id":"45e7f566-a3e4-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"john-kerry-to-press-china-over-north-korea","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तर कोरिया: चीन पर दबाव डालेगा अमरीका","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
उत्तर कोरिया: चीन पर दबाव डालेगा अमरीका
Updated Sat, 13 Apr 2013 01:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी चीन पहुंच गए हैं। वहां वो चीन से अपील कर सकते हैं कि वो उत्तर कोरिया को नियंत्रित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे।
विज्ञापन
इससे पहले दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में उन्होंने कहा था कि उनका देश उत्तर कोरिया को एक परमाणु शक्ति के रूप में स्वीकार नहीं करेगा।
दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा ख़त्म करने से पहले जॉन केरी ने इस बात पर जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया द्वारा हाल फिलहाल में की गईं बड़ी-बड़ी बातें निराधार हैं और ज़रुरत पड़ने पर अमरीका अपने सहयोगी देशों की मदद भी करेगा।
विज्ञापन
हालांकि उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि कोरियाई प्रायद्वीप में उत्पन्न हुए संकट को ख़त्म करने में चीन की अहम भूमिका हो सकती है।
उन्होंने कहा, “दुनिया में किसी भी देश के उत्तर कोरीया के साथ उतने घनिष्ठ सम्बंध नहीं हैं जितने चीन के। चीन के पास इस संकट को ख़त्म करने के अपार मौके हैं। चीन पहुँच कर जब मेरी बातचीत होगी तो कोशिश यही रहेगी कि तनाव कम कैसे किया जाए जिससे दोनों कोरीयाई देशों के लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिल सकें और मौजूदा तनाव ख़त्म हो।"
विज्ञापन
यात्रा
दक्षिण कोरिया और चीन की यात्रा के बाद अमरीकी विदेश मंत्री जापान जाएँगे।
उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल परीक्षण और परमाणु हथियारों की बात करने के परिवेश में जॉन केरी की इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है।
इससे पहले जॉन केरी ने कहा था कि उत्तर कोरिया की तरफ से संभावित मिसाइल परीक्षण “भड़काऊ कार्रवाई” और “बड़ी गलती” होगी।
उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी बंदरगाह पर दो मिसाइल लगाए हैं और दक्षिण कोरिया पूरे एहतियात बरत रहा है।
सोल में केरी ने दोहराया था कि अमरीका अपनी और अपने गठबंधन सहयोगियों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है।
हालांकि, उन्होंने उस रिपोर्ट पर बहुत कुछ नहीं कहा, जिसमें उत्तर कोरिया के पास परमाणु हथियार होने की संभावना जताई गई है।
बयान
केरी ने कहा कि यह संभावना कम ही है कि उत्तर कोरिया के पास “काम करने लायक” उपकरण है।
जॉन केरी के इस ताज़ा बयान से पहले डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी यानि डीआईए की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि संभावना है कि उत्तर कोरिया ने मिसाइल पर परमाणु हथियार लगाने लायक तकनीक विकसित कर ली है।
उत्तर कोरिया में 15 अप्रैल को संस्थापक शासक किम इल सुंग का जन्मदिन मनाया जाएगा और इस दिन मिसाइल का परीक्षण हो सकता है।
उत्तर कोरिया ने अपने दो मुसुदन बैलिस्टिक मिसाइल को उत्तरी तट की ओर रवाना कर दिया है।
इनकी मारक क्षमता के अनुमान अलग-अलग हैं।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे 4,000 किलोमीटर तक मार करने लायक बताते हैं। अगर यह सच है, तो इससे गुआम स्थित अमरीकी अड्डा भी इसकी जद में आ जाएगा। हालांकि, मुसुदन मिसाइल का पहले परीक्षण होने पर संदेह है।
अभ्यास
गौरतलब है कि गुरुवार को चीन ने उत्तर कोरिया की सीमा से लगे एक शहर में आपातकालीन स्थितियों का अभ्यास किया था।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक आधे घंटे का यह अभ्यास दरअसल आपदा-प्रबंधन और राहत कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए था।
उधर उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के हालिया प्रतिबंधों के बाद एक बार फिर से कड़े बयान देने शुरू कर दिए हैं।
फरवरी में इसके तीसरे परमाणु परीक्षण के बाद ये प्रतिबंध लगाए गए थे।