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विश्वयुद्ध के 75 साल बाद जापान पछताया, लेकिन माफी नहीं मांगी

Thu, 29 Dec 2016 04:03 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ पर्ल हार्बर, हवाई
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ पर्ल हार्बर, हवाई Updated Thu, 29 Dec 2016 04:03 AM IST
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Japan PM offers Pearl Harbor condolences
- फोटो : getty

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका के पर्ल हार्बर शहर पर हमला कर करीब 2400 लोगों को मौत की नींद सुलाने के 75 साल बाद पहली बार जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने यहां पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मौजूद रहे। शिंजो अबे ने जापान द्वारा किए गए हमले पर पछतावा तो जताया लेकिन माफी नहीं मांगी।

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अबे ने कहा कि - ‘राष्ट्रों के चरित्र की परीक्षा युद्ध में होती है, लेकिन इसका निर्धारण शांतिकाल में होता है। जब घृणा अपने चरम पर होती है, तब हम कबीलाई खींचतान के दौर में चले जाते हैं। लेकिन हमें उस समय भी खुद में सिमटने की इच्छा से बचना चाहिए। हमें उन लोगों को शैतान बनाने की इच्छा से बचाना चाहिए जो हमसे अलग हैं।’
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इस बीच ओबामा ने जापान के प्रधानमंत्री की मेजबानी करते हुए दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की प्रशंसा की और कहा कि - ‘ये संबंध पहले इतने मजबूत कभी नहीं रहे।’ ओबामा का कार्यकाल अगले महीने समाप्त होगा। ओबामा ने कहा कि - ‘मैं मित्रता की भावना के तहत आपका यहां स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि हम दुनिया को युद्ध के बजाय शांति में जीत की संभावना का संदेश देंगे।’
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अबे ने जापानी लड़ाकों द्वारा मारे गए 2400 से अधिक अमेरिकियों के परिवारों के प्रति ‘सच्चे दिल से संवेदनाएं प्रकट’ कीं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के 75 साल पूरे होने पर कहा, ‘हमें युद्ध की भयावहता को दोहराना नहीं चाहिए।’ अबे ने बराक ओबामा के निकट खड़े होकर सुलह शक्ति की प्रशंसा की और ‘जापान के प्रति सहिष्णुता अपनाने’ के लिए धन्यवाद किया।

ओबामा ने की थी पहल, चीन ने जताई आपत्ति

Japan PM offers Pearl Harbor condolences

चीन ने जापान के पीएम की पर्ल हार्बर यात्रा पर आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि अबे जापान के युद्ध अपराधों को हल्का करने का बहुत ही ओछा प्रयास कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि - ‘पर्ल हार्बर के दौरे और मरने वालों से संवेदनाएं जताकर दूसरे विश्व युद्ध के इतिहास को हल्का करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जापान ऐसा कर नहीं पाएगा।’

हुआ ने कहा कि जापान इतिहास के उस पन्ने को तब तक नहीं पलट सकता जब तक कि वह चीन और एशिया के उन देशों से सुलह नहीं कर लेता, जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध में उसके जुल्मों को सहा है। उन्होंने नसीहत दी कि जापानी नेताओं को बचकर निकलने की कोशिशें बंद करनी चाहिए। बेहतर होगा कि कि वे इतिहास और भविष्य के प्रति जिम्मेदार रवैया अपनाएं।

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने पर्ल हार्बर पहुंचकर अमेरिका के साथ दूसरे विश्व युद्ध से चली आ रही दुश्मनी को भले ही खत्म कर दिया हो लेकिन इस शत्रुता को मिटाने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को जाता है। ओबामा ने मई महीने में जापान के दौरे के वक्त हीरोशिमा की यात्रा की थी जहां अमेरिका ने परमाणु बम फैंककर पूरा शहर नष्ट कर दिया था।  

-1941 को 7 दिसंबर की तिथि पर जापान ने किया था पर्ल हार्बर पर हमला
-300 से ज्यादा जापानी लड़ाकू विमानों ने यहां की थी भयानक बमबारी
-2400 से अधिक अमेरिकियों की मौत के बाद अमेरिका भी युद्ध में कूद गया
-20000 से अधिक अमेरिकी व जापानी लोगों को इस युद्ध में कैद किया गया
-1945 में हीरोशिमा-नागासाकी पर अमेरिकी परमाणु हमले के साथ खत्म हुआ युद्ध
-2 लाख 10 हजार जापानी मारे गए थे इस परमाणु हमले के दौरान 

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