...तो इसलिए हैं दुनिया में जमैका के धावक सबसे तेज
ओलंपिक में जब भी दौड़ का खेल शुरू होता है, तब ये लगभग पक्का होता है कि जमैका के धावक इसमें अपनी मजबूत छाप छोड़ेंगे। वर्तमान में भी दुनिया के जो सबसे तेज दौड़ने वाले महिला व पुरुष हैं, वे भी जमैका के ही हैं। ओलंपिक के इतिहास में 26 सबसे तेज दौड़ने के रिकॉर्ड हैं। इनमें से 19 जमैका के नाम हैं।
वैज्ञानिकों का दावा है कि जमैका के लोग इसलिए तेज दौड़ते हैं, क्योंकि यह उनके जीन में है। हालांकि जमैका के धावकों को तेज बनाने का काम उनके जीन से कहीं ज्यादा यहां की व्यवस्था करती है। बीजिंग ओलंपिक में जब उसेन बोल्ट ने तीन गोल्ड मेडल जीतकर पृथ्वी सबसे तेज इंसान होने का रिकॉर्ड बनाया तो लोगों का ध्यान जमैका की ओर गया।
एक गरीब और दूरदराज के गांव से आने वाले उसेन बोल्ट को जमैका में रेसिंग को दी जाने वाली महत्ता ने तेज बनाया। दरअसल यहां रेसिंग को स्कूल के स्तर से ही बढ़ावा दिया जाता है। यहां शहरों में ही नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों में भी रेसिंग एक अहम खेल है।
स्वस्थ रहने को शुरू हुई दौड़ ने बनाया चैंपियन
18वीं सदी में जमैका एक गरीब देश था और यहां कई स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें थीं। इन दिक्कतों को दूर करने के लिए अभियान चलाया गया। गरीब होने की वजह से स्वास्थ्य को बेहतर करने का एक ही तरीका था- रनिंग।
इस अभियान को शहरों से दूरदराज के गांवों तक ले जाया गया। 1920 में स्वास्थ्य के लिए शुरू हुई इस आदत ने न सिर्फ स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दिया, बल्कि इसने रेस को यहां की शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर पर शामिल किया और इसी ने जमैका को आज चैंपियन बनाया है।