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इस्लामी कानून पर बना वीडियो वायरल

Fri, 03 Apr 2015 03:04 PM IST
Updated Fri, 03 Apr 2015 03:04 PM IST
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islamic video viral on social media in malesia

मुस्लिम बहुल देश मलेशिया में इस्लामी कानून पर तीखा व्यंग्य करता हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की आजादी पर भी बहस छिड़ गई है।

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मलेशिया के रेडियो स्टेशन बीएफएम से जुड़ी स्वतंत्र पत्रकार आइसिया मोहम्मद ताजुद्दीन ने 'हुदूद और रोजी रोटी का सवाल' नाम से एक वीडियो बनाया। अरबी में हुदूद का मतलब सीमा होता है। इस इस्लामी कानून है जिसका जिक्र कुरान में किया गया है। यूट्यूब पर जारी करने के बाद ही यह वीडियो वायरल हो गया।
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इसे फेसबुक पर अब तक सात लाख 80 हजार बार देखा जा चुका है। तो वहीं दूसरी ओर आइसिया को इस वीडियो के कारण जान से मारने और रेप तक की धमकी दी गई। यह सब कुछ यूं शुरू हुआ कि मलेशिया की पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी (पीएएस) देश के बेहद पिछड़े और ग्रामीण इलाके केलांता के मुस्लिमों पर हुदूद कानून लागू करने की योजना बना रहे हैं।

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स्कार्फ और खाने में पत्थर

islamic video viral on social media in malesia

हुदूद एक ऐसा इस्लामिक कानून है जिसमें व्याभिचार, इस्लाम की निंदा, चोरी, डकैती आदि अपराध के लिए पश्चिमी देशों के लिहाज से बेहद क्रूर और असामान्य सजा तय की गई है। इस सजा में सरेआम पिटाई, पत्थर मारना, हाथ काट देना, सूली पर चढ़ा देना आदि शामिल है।

वीडियो में दिखाया गया है कि आइसिया ताजुद्दीन काल्पनिक रूप से जैसे ही सीमा पार कर केलांता इलाक़े में आती हैं उनके सर पर स्कार्फ दिखाई देने लगता है। फूड पैकेट में लजीज और गरमा-गरम खाने की जगह पत्थर निकलता है।

फिर वे कहती हैं, "अच्छा, तो ये हुदूद का असर है।" उन्होंने सवाल उठाया है कि पीएएस पार्टी इस कानून की बजाय खतरनाक बाढ़ से घिरे केलांता की अर्थव्यवस्था और यहां बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर ध्यान क्यों नहीं देता।

धमकी और तारीफ

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इस वीडियो में इस्लामिक कानून पर तंज कसने के कारण आइसिया को गंभीर धमकियां दी गई हैं। फेसबुक पर किए गए एक कमेंट में कहा गया है, "जो अल्लाह के कानून का मज़ाक उड़ाते हैं, उनको खत्म कर देने में कोई बुराई नहीं है।

"आइसिया पर ईशनिंदा का भी आरोप लगाया गया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। दोषी साबित होने पर उन्हें एक साल जेल की सज़ा भी हो सकती है।

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