गैर मुस्लिमों का यौन शोषण करना पाप नहीं है: ISIS
आईएस द्वारा अगवा की गई यजीदी महिलाओं और लड़कियों का यौन शोषण उनके लड़ाके इसलिए करते हैं कि क्योंकि गैर मुस्लिम महिलाओं के साथ ऐसा करना पाप नहीं है। यह कहना है आई एस के चंगुल से छूटकर आई महिलाओं का।
मिरर के अनुसार, पिछले साल आई एस ने 5270 यजीदी लोगों को अगवा कर लिया था। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। लेकिन आईएस के चुंगुल से अब दो हजार से ज्यादा लोग मुक्त हो चुके हैं और करीब तीन हजार महिलाएं और बच्चे अभी भी कैद हैं।
आईएस के चंगुल से छुटकर सैकड़ों महिलाओं में से एक ने आईएस की ओर से गुलाम बनाकर यौन शोषण करने पर कुछ बोला है। आईएस के शोषण का शिकार हुई 19 वर्षीय युवती के अनुसार, एक आतंकी जब उसका यौन शोषण कर रहा था उसे बताया कि उसके ऐसा करना इस्लाम में गुनाह नहीं हैं क्योंकि वह इस्लाम को नहीं मानती और दूसरे मजहब की है।
12 वर्षीय बच्ची ने बताई आपबीती
खबरों के अनुसार, आईएस के चंगुल से छूटने में एक 12 वर्षीय बच्ची भी कामयाब हुई है जिसने बताया कि उसका दूसरे धर्म की होने की वजह से न सिर्फ उसका बलात्कार किया जाता था बल्कि कई और आतंकियों को उसका रेप करने के लिए बोला जाता था। आतंकी यह भी बोलते थे कि इसका रेप करों क्योंकि यह मुस्लिम नहीं है।
इतना ही बच्ची का बलात्कार करने वाले यह भी कहते थे कि उनके धर्म ने न सिर्फ गैर मुस्लिमों का शोषण करने की इजाजत दी है बल्कि इसके काम लिए उसे उनकी आस्था से बल भी मिला है।
लड़की ने बताया कि जब आतकी उसका रेप करने आते वह घुटनों के बल घिसटकर उनके अत्याचार से बचने की कोशिश करती और उन्हें ऐसा न करने के लिए विनती भी करती। इतना ही नहीं जब वह नहीं मानते वह बार बार ऐसा न करने के लिए विनती करती।
जिस युवती से शरणार्थी कैंप में साक्षात्कार लिया गया उसका कहना था कि आई के द्वारा किए गए शोषण के बारे में याद न दिलाइये क्योंकि इससे दिल को चोंट पहुंचती है।