आईएस ने किया 300 यजीदियों का कत्ल, लेकिन क्यों?
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इराक के मोसुल में सैकड़ों यजीदियों को मार दिया गया है। यजीदियों और इराकी अधिकारियों का कहना है कि इस्लामिक स्टेट ने मोसुल के पश्चिम में ये हत्याएं की हैं।
यजीदी प्रोग्रेस पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि 300 अगवा किए गए इन यजीदी लोगों को शुक्रवार को कत्ल कर दिया गया। इराकी उपराष्ट्रपति ओसामा-उल-नुजाईफी ने इस घटना को बर्बरतापूर्ण करार दिया है। पिछले साल हजारों यजीदियों को अगवा कर लिया गया था। यजीदी इराक में अल्पसंख्यक हैं। आईएस इन्हें काफिर मानता है।
कौन हैं इराक के यजीदी?
बीबीसी के मध्य पूर्व मामलों के संपादक एलन जॉनस्टन का कहना है कि अभी ये तय नहीं है कि इन लोगों को कैसे मारा गया और अभी ही क्यों मारा गया है। पिछले साल अग़वा किए गए यजीदी लोगों में से ज्यादातर को मोसुल में ही रखा गया था। यह इलाका आईएस स्टेट का गढ़ माना जाता है।
इस साल जनवरी में आईएस ने 200 यजीदियों को रिहा किया था। रिहा किए जाने वालों में अधिकतर लोग बुजुर्ग थे या घायल थे। आईएस पिछले साल भर के दौरान काफी यजीदियों का कत्ल कर चुका है। ऐसा कहा जाता है कि आईएस महिलाओं को यौन शोषण के लिए गुलाम बनाकर रख लेता है।
यजीदियों ने उत्तरी इराक के कुर्द नियंत्रण वाले इलाकों में भी शरण ले रखी है। पिछले साल दिसंबर के बाद से कुर्द, इराकी और अमरीका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों की बमबारी के बाद आईएस को कई इलाकों से खदेड़ दिया गया है लेकिन कई यजीदी गांवो पर संगठन का कब्ज़ा अब भी बरकरार है।