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डॉक्टर, जो बच्चों को नहीं बचा पाता...

Wed, 13 Mar 2013 06:38 PM IST
Updated Wed, 13 Mar 2013 06:38 PM IST
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iraqi doctor battling to save children

फिरास अल कुबैसी पेशे से डॉक्टर हैं और इराक में उनके पास हर हफ्ते तकरीबन 60 ऐसे बच्चे इलाज के लिए आते हैं जो दिल की किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। मगर इन बच्चों की मदद करने के लिए फिरास के पास ज्यादा कुछ नहीं होता।

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फिरास इराक के अनबार इलाके के इकलौते ऐसे डॉक्टर हैं जो बच्चों के दिल की बीमारी के इलाज की काबिलियत रखते हैं।

इस इलाके के बारे में कहा जाता है कि यहां रहने वाले तकरीबन आधे बच्चे दिल की किसी न किसी बीमारी का सामना कर रहे हैं।

बच्चों के दिल की बीमारी को लेकर सबसे खराब हालत बगदाद के पश्चिम में स्थित फलूजा शहर की है।

मशीनों और प्रशिक्षित डॉक्टरों का अभाव
साल 2003 में फलूजा में ही अमेरिकी नेतृत्व वाली फौज ने यहां तत्कालीन सरकार के खिलाफ भीषण लड़ाई लड़ी थी।

डॉक्टर कुबैसी के पास जरूरी उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है जिनकी मदद से वे बच्चों के दिल का ऑपरेशन कर सकें।

हालांकि हाल ही में उन्होंने अमेरिकी मदद से पहली बार एक चार साल की बच्ची के दिल का सफल ऑपरेशन किया है।

कुबैसी इस अनुभव के बारे में कहते हैं कि उस बच्ची को सीने में दर्द की शिकायत थी। उसे वक्त पर इलाज नहीं मिलता तो वह मर भी सकती थी।

ऑपरेशन की कामयाबी के बाद कुबैसी चांद पर थे। उस नन्हीं बच्ची ने कुबैसी को खुशी से चूम लिया था। वह कहते हैं कि हमारे पास पहले कोई सुविधा नहीं थी। हम यह अमेरिकी मदद से ही कर पाए। हम उनके आभारी हैं।
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लड़ाई का असर
फलूजा इलाके में दिल की बीमारी के बढ़ते मामलों के सवाल पर डॉक्टर कुबैसी को लगता है कि यह किसी रासायनिक या नाभिकीय हथियारों के इस्तेमाल का असर भी हो सकता है।
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हालांकि इस बारे में किसी आधिकारिक अध्ययन या इससे जुड़ी किसी अन्य जानकारी की बात से वे इनकार करते हैं।

डॉक्टर कुबैसी स्पष्ट कहते हैं कि यह मेरी अपनी राय है। जब मैं बगदाद में था तो मैंने देखा कि ज्यादातर मामले फलूजा से हैं।

इराक के इस इलाके में खराब हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां कुछ दंपती और बच्चे न पैदा करने का फैसला कर रहे हैं।

कुबैसी अपनी लाचारगी जाहिर करते हुए कहते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते। यहां सुविधाओं की भारी कमी है। पिछले दो हफ्तों में हमारे सामने पांच बच्चों ने दम तोड़ा है।

उनका कहना है कि इस इलाके में डॉक्टरों के प्रशिक्षण और ऑपरेशन के काम में आने वाली मशीनों की ज्यादा से ज्यादा जरूरत है।

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