{"_id":"5a93e86d4f1c1bf17b8b978c","slug":"iraq-sixteen-turkish-women-sentences-to-death-over-isis-connection","type":"story","status":"publish","title_hn":"इराक: IS में शामिल होने वाली 16 तुर्की महिलाओं को फांसी, जेलों में 1700 विदेशी महिलाएं ","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
इराक: IS में शामिल होने वाली 16 तुर्की महिलाओं को फांसी, जेलों में 1700 विदेशी महिलाएं
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Feb 2018 04:28 PM IST
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इराक की एक अदालत ने सोमवार को आईएस में शामिल होने वाली 16 तुर्की महिलाओं को फांसी की सजा सुनाई। ये महिलाएं इराक में आईएस का पतन शुरू होने के बाद पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार की गई थीं।
केंद्रीय अपराध अदालत के जस्टिस अब्दुल सत्तार अल बिर्कदार ने कहा, दोषी महिलाओं ने आईएस में शामिल होने, लड़ाकों से शादी करने और हमलों में मदद करने की बात कुबूल की। इसके बाद सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।
मालूम हो कि 2014 के बाद से ये सैकड़ों विदेशी महिलाएं आईएस में शामिल होने इराक और सीरिया पहुंची थीं। पर पिछले साल अगस्त में इराकी शहर ताल अफर में आतंकी संगठन के हारने के बाद 1300 महिलाओं और बच्चों ने कुर्द सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। तब से 1700 विदेशी महिलाएं इराकी जेलों में पहुंची चुकी हैं। इन सभी की जड़ें आईएस से जुड़ी हैं।
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पिछले हफ्ते भी अदालत ने तुर्की की एक महिला को मौत की सजा सुनाई। वहीं दस अन्य देशों की महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी।
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केंद्रीय अपराध अदालत के जस्टिस अब्दुल सत्तार अल बिर्कदार ने कहा, दोषी महिलाओं ने आईएस में शामिल होने, लड़ाकों से शादी करने और हमलों में मदद करने की बात कुबूल की। इसके बाद सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा, अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।
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मालूम हो कि 2014 के बाद से ये सैकड़ों विदेशी महिलाएं आईएस में शामिल होने इराक और सीरिया पहुंची थीं। पर पिछले साल अगस्त में इराकी शहर ताल अफर में आतंकी संगठन के हारने के बाद 1300 महिलाओं और बच्चों ने कुर्द सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। तब से 1700 विदेशी महिलाएं इराकी जेलों में पहुंची चुकी हैं। इन सभी की जड़ें आईएस से जुड़ी हैं।
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पिछले हफ्ते भी अदालत ने तुर्की की एक महिला को मौत की सजा सुनाई। वहीं दस अन्य देशों की महिलाओं को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी।