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श्रीलंका में गृह युद्ध के समय लापता हुए हजारों लोगों की होगी जांच
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:20 AM IST
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श्रीलंका के गुमशुदा लोगों के लिए बने कार्यालय (ओएमपी) ने रविवार को लापता चल रहे हजारों लोगों के मामले में एक पारदर्शी जांच शुरू करने की घोषणा की। इन लोगों ने एलटीटीई के साथ हुए गृह युद्ध के दौरान सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था और उसके बाद से ही इनके लापता होने की बहुत सारी शिकायतें ओएमपी के पास दर्ज हैं। करीब 3 दशक तक चलने के बाद ये गृह युद्ध वर्ष 2009 में खत्म हुआ था।
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गुमशुदा लोगों के लिए बने कार्यालय ने दिया आश्वासन
ओएमपी के चेयरमैन सालिया पियरिस ने कहा, मैंने अपने सहयोगियों को सेना के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हर शख्स से जुड़ी शिकायत की पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने को कहा है। पियरिस ने ये बयान अपने सहयोगियों के साथ शनिवार को लापता लोगों के परिजनों से मुलाकात के लिए उत्तरी जाफना कस्बे पहुंचने के बाद दिया।
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सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद लापता हो गए ये लोग
ओएमपी की टीम किलिनोच्ची पहुंची, जहां से करीब 30 साल तक एलटीटीई ने उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में अपनी समानांतर सरकार चलाई थी। उन्हें इस दौरान लापता लोगों के परिजनों की तरफ से उग्र प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के बावजूद लापता लोगों के सैकड़ों परिवारों ने ओएमपी के साथ मुलाकात की है।
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बड़ा है लापता लोगों का आंकड़ा
2013 में लापता लोगों की जांच के लिए एक आयोग बना था
25 हजार लोग (5 हजार सैनिक सहित) गृहयुद्ध के दौरान लापता होने की दी थी रिपोर्ट
20 हजार लोगों के युद्ध खत्म होने के बाद लापता होने का लगाया जा रहा है अनुमान
01 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे, 1980 के दशक में शुरू हुए गृह युद्ध
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गुमशुदा लोगों के लिए बने कार्यालय ने दिया आश्वासन
ओएमपी के चेयरमैन सालिया पियरिस ने कहा, मैंने अपने सहयोगियों को सेना के सामने आत्मसमर्पण करने वाले हर शख्स से जुड़ी शिकायत की पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से जांच करने को कहा है। पियरिस ने ये बयान अपने सहयोगियों के साथ शनिवार को लापता लोगों के परिजनों से मुलाकात के लिए उत्तरी जाफना कस्बे पहुंचने के बाद दिया।
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सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद लापता हो गए ये लोग
ओएमपी की टीम किलिनोच्ची पहुंची, जहां से करीब 30 साल तक एलटीटीई ने उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में अपनी समानांतर सरकार चलाई थी। उन्हें इस दौरान लापता लोगों के परिजनों की तरफ से उग्र प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के बावजूद लापता लोगों के सैकड़ों परिवारों ने ओएमपी के साथ मुलाकात की है।
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2013 में लापता लोगों की जांच के लिए एक आयोग बना था
25 हजार लोग (5 हजार सैनिक सहित) गृहयुद्ध के दौरान लापता होने की दी थी रिपोर्ट
20 हजार लोगों के युद्ध खत्म होने के बाद लापता होने का लगाया जा रहा है अनुमान
01 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे, 1980 के दशक में शुरू हुए गृह युद्ध