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बाली: ज्वालामुखी फटने का डर, 75,000 ने छोड़ा घर, 1963 में 1,000 KM दूर तक गई थी निकली राख
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:11 PM IST
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बाली का ज्वालामुखी
- फोटो : AP
इंडोनेशिया के बाली में ज्वालामुखी माउंट आउंग के फटने की आशंका से हड़कंप मचा हुआ है। जिस टापू पर यह ज्वालामुखी है वह टूरिस्ट्स के बीच काफी पॉपुलर है। ज्वालामुखी के फटने के डर से 75,000 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है।
इक्नॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, प्रशासन ने इलाके को खाली करवाने का ऑर्डर दिया था। ज्वालामुखी के 12 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को खाली करने के लिए कहा गया था लेकिन डर की वजह से उससे ज्यादा दूर के लोग भी अपने घरों को छोड़ चुके हैं।
यह भी पढ़ें: ज्वालामुखी के अंदर हजारों फुट गहरा बोरिंग!
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इलाके में कई दिनों से रह-रहकर भूकंप के झटके आ रहे थे। इससे ज्वालामुखी के फटने की आशंका पैदा हो गई। इससे पहले 1963 में यह ज्वालामुखी फटा था। तब 1,100 लोग मारे गए थे।
अपना घर खाली करके आने वाले लोग अस्थाई कैंप बनाकर रह रहे हैं। इसके अलावा कुछ अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। कुछ को तो ना चाहते हुए भी अपने जानवर बेचने पड़े ताकि वह बिना किसी परेशानी के ज्यादा दूर जा सकें।
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इक्नॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, प्रशासन ने इलाके को खाली करवाने का ऑर्डर दिया था। ज्वालामुखी के 12 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों को खाली करने के लिए कहा गया था लेकिन डर की वजह से उससे ज्यादा दूर के लोग भी अपने घरों को छोड़ चुके हैं।
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इलाके में कई दिनों से रह-रहकर भूकंप के झटके आ रहे थे। इससे ज्वालामुखी के फटने की आशंका पैदा हो गई। इससे पहले 1963 में यह ज्वालामुखी फटा था। तब 1,100 लोग मारे गए थे।
अपना घर खाली करके आने वाले लोग अस्थाई कैंप बनाकर रह रहे हैं। इसके अलावा कुछ अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। कुछ को तो ना चाहते हुए भी अपने जानवर बेचने पड़े ताकि वह बिना किसी परेशानी के ज्यादा दूर जा सकें।
1963 में 7.5 किलोमीटर दूर तक गया था लावा
बाली का ज्वालामुखी
- फोटो : फाइल फोटो
लोगों ने बताया कि 1963 में जब यह ज्वालामुखी फटा था तब लावा 7.5 किलोमीटर दूर तक गया था। वहीं उसके बचे अवशेष जकार्ता जो कि 1,000 किलोमीटर है वहां तक गए थे। इंडोनेशिया में अबतक 120 एक्टिव ज्वालामुखी हैं।