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पहली बार जीपीएस की मदद से होगी भारत-नेपाल सीमा की निगरानी

Mon, 27 Jun 2016 01:34 AM IST
एजेंसी/ काठमांडू
एजेंसी/ काठमांडू Updated Mon, 27 Jun 2016 01:34 AM IST
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Indo-Nepal border pillars to be GPS-enabled

अब पहली बार भारत-नेपाल सीमा की निगरानी जीपीएस की मदद से की जाएगी। इसके लिए ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम का इस्तेमाल करके भारत-नेपाल सीमा पर स्थित आठ हजार से ज्यादा बाउंड्री पिलर्स को जीपीएस से लैस किया जाएगा।

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इससे 1700 किमी से लंबी भारत-नेपाल सीमा का पहली बार प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-नेपाल बाउंड्री पिलर्स के लिए नेपाल-इंडिया बाउंड्री ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (एनआईबी जीएनएसएस) का इस्तेमाल किया जाएगा।
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नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस संबंध में नेपाल-इंडिया बाउंड्री वर्किंग ग्रुप (बीडब्ल्यूजी) की तीसरी बैठक में फैसला लिया गया।
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शनिवार को काठमांडू में इस तीन दिवसीय बैठक का समापन हुआ। इस बैठक के दौरान नेपाली प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व सर्वेक्षण विभाग के डायरेक्टर जनरल कृष्णा राज बीसी और भारतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व भारत के सर्वेयर जनरल स्वर्ण सुब्बा राव ने किया।


बीडब्ल्यूजी बैठक में एसओसी (सर्वे ऑफीसियल्स कमेटी) और ज्वाइंट फील्ड सर्वे टीम की ओर से पेश की गई रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इससे पहले एसओसी की चौथी बैठक 20 से 22 जून को हुई। अब एसओसी की अगली बैठक सितंबर 2016 और बीडब्ल्यूजी की बैठक अगस्त 2017 में भारत में होगी। 

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