मलयेशिया में 41 वर्षीय भारतीय महिला को दी गई मौत की सजा
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मलयेशिया के हाईकोर्ट ने 41 वर्षीय एक भारतीय महिला को 1.6 किलो ड्रग्स की तस्करी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, महिला नई दिल्ली की है, जो एक ब्यूटी पार्लर की मालकिन थी।
संगीता शर्मा ब्रह्मचरीमयूम को 7 अक्टूबर, 2013 को मलयेशिया के पेनांग अतंरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 1637.1 ग्राम मेथमफिटामिन नाम के ड्रग्स की तस्करी करने का दोषी पाया गया। उसके ऊपर खतरनाक ड्रग्स अधिनियम, 1952 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसके तहत दोषी पाए जाने पर मौत की सजा दी जाती है।
दि स्टार ऑनलाइन के मुताबिक, पेनांग राज्य के जॉर्ज टाउन में जब फैसला सुनाया गया तो संगीता पूरी तरह से टूट गई। न्यायिक आयुक्त आजमी आरीफिन ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष बिना किसी संदेह के साथ आरोपी को दोषी साबित करने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की पूर्व ननद को जानकारी थी कि उसके बैग में ड्रग्स हैं। इसके साथ ही निर्दोष साबित करने के लिए उसके पक्ष में कोई सबूत नहीं मिले।
संगीता नई दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी
संगीता नई दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। आजमी ने कहा कि संगीता ने कोर्ट में बताया कि वह मलयेशिया व्यापार शुरू करने आई है। वह एक नाइजेरियाई व्यक्ति प्रिंस की मदद से भारत से मलयेशिया के बीच कपड़े खरीदने और बेचने का काम करेगी।
आजमी ने बताया कि प्रिंस ने उसके भाई और भाभी के कपड़ों से भरा सुटकेस उसे पकड़ा दिया उसे पेनांग अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनका इंतजार करने को कहा। महिला प्रिंस को केवल एक साल से जानती थी और इस दौरान वह प्रिंस से कई बार मिली।