भारतीय मूल के कोस्टा बने पुर्तगाल के प्रधानमंत्री
भारतीय मूल के एंटोनियो कोस्टा पुर्तगाल के नए प्रधानमंत्री बने हैं। राष्ट्रपति एनबिल कैवेको सिल्वा ने उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया है।
एंटोनियो के पिता ओरलैंडो कोस्टा कवि थे। उन्होंने उपनिवेश विरोधी आंदोलन में हिस्सा लिया था और पुर्तगाली भाषा में 'शाइन ऑफ एंगर' नामक मशहूर किताब लिखी थी। दादा लुई अफोन्सो मारिया डी कोस्टा भी गोवा के निवासी थे।
खुद एंटोनियो कोस्टा का जन्म मोजांबीक में हुआ, पर उनके रिश्तेदार आज भी गोवा के मरगाओ के नजदीक रुआ अबेद फारिया गांव में रहते हैं।
साल 1974 में पुर्तगाल में तानाशाही खत्म होने के बाद पहली बार पुर्तगाल में सोशलिस्ट पार्टी सत्ता में आई है। इसे कम्यूनिस्टों का भी समर्थन हासिल है।
पीएम मोदी ने दी कोस्टा को बधाई
कोस्टा ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि वे खर्च में कटौती की नीति को पलट देंगे। कोस्टा ने अपने भारतीय मूल पर एक बार कहा था, "मेरी चमड़ी के रंग ने मुझे कभी भी कुछ भी करने से नहीं रोका। मैं अपनी त्वचा के रंग के साथ सामान्य रूप से रहता हूं।"
कोस्टा ने यह भी कहा था कि उन्हें कभी भी नस्लभेद का सामना नहीं करना पड़ा। एंटोनियो लिस्बन के मेयर रह चुके हैं। मेयर रहते हुए ही उन्होंने भारत के साथ बेहतर व्यापारिक रिश्तों पर जोर दिया था।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोस्टा को पुर्तगाल का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है और बेहतर दोतरफा रिश्तों को विकसित करने की इच्छा जताई है।
मोदी ने ट्वीट किया, "मैं एंटोनियो कोस्टा को पुर्तगाल का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देता हूं। मैं दोतरफा संबंध को और मजबूत बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करना चाहता हूं।"