अफ्रीकी देशों के दूतों ने भारत पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप
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अफ्रीकी देशों के राजदूतों के समूह ने अफ्रीकी नागरिकों पर हुए हमले को नस्लीय और भेदभावपूर्ण वाला बताया है। अफ्रीकी देशों के दूतों ने सोमवार को कहा कि भारत हमारे नागरिकों पर हो रहे नस्लीय हमलों को रोकने में असफल रहा है। राजदूतों के समूह ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने इस मुद्दे की पर्याप्त निंदा नहीं की है, जिससे मामले को लेकर उसकी हल्की प्रतिक्रिया का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की मांग की है।
समूह ने हमलों के बाद भारतीय अधिकारियों की तरफ से उचित कदम नहीं उठाने की निंदा की है। साथ ही अफ्रीकी राजदूतों ने मानवाधिकार आयोग के समक्ष इस मसले को रखने की बात कही है। बता बता दें कि ग्रेटर नोएडा में एक स्थानीय युवक की मौत के बाद गुस्साए कुछ लोगों ने नाइजीरिया के कुछ छात्रों को निशाना बनाया था। मामले ने तूल पकड़ा तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
वहीं विदेश मंत्रालय की ओर से केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने नाइजीरिया के कार्यवाहक उच्चायुक्त से बात की थी और उन्हें नाइजीरियाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों से भी अवगत कराया था।
कैंडल लाइट मार्च के दौरान नाइजीरियाई छात्रों पर हमला
दरअसल, ग्रेनो के एनएसजी सोसायटी में रहने वाला मनीष शुक्रवार रात घर के सामने से गायब हो गया था। अगले दिन वह नशे की हालत में घर लौटा। खून की उल्टियां होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले पांच नाइजीरियाई युवकों पर अपहरण कर नशीले इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
ग्रेटर नोएडा में 17 साल के लड़के की मौत के बाद निकाले गए कैंडल लाइट मार्च के दौरान लोगों ने वहां से गुजर रहे नाइजीरियाई छात्रों पर हमला कर दिया था। उनका आरोप था कि लड़के की मौत अधिक मात्रा में ड्रग लेने की वजह से हुई है। लड़के के माता-पिता का आरोप है कि विदेशी नागरिकों ने उनके बच्चे को अगवा कर लिया था और उसे ड्रग दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।