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India-Iran Relations: खामेनेई की मौत पर भारत ने जताई संवेदना, ईरानी दूतावास पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिस्री

Thu, 05 Mar 2026 04:27 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Thu, 05 Mar 2026 04:27 PM IST
सार

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत ने आधिकारिक संवेदना व्यक्त की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी क्षेत्र में शांति और कूटनीति के जरिए समाधान की अपील की है।
 

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India expressed condolences on the death of Khamenei Foreign Secretary Vikram Misri reached Iranian Embassy
विक्रम मिस्री, विदेश सचिव - फोटो : विक्रम मिस्री, विदेश सचिव

विस्तार

भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचकर ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति शोक व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने दूतावास में रखी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर अपनी संवेदनाएं दर्ज कीं। विक्रम मिस्री ने खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए ईरान की सरकार और वहां के लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। भारत ने इस कठिन समय में ईरान के साथ एकजुटता और सहानुभूति व्यक्त की है।
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इसके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजनयिक प्रतिनिधियों से मुलाकात कर भारत की ओर से शोक संदेश दर्ज कराया। उन्होंने खामेनेई के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईरान की सरकार और वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई। भारत लंबे समय से ईरान के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संबंध बनाए हुए है। ऐसे में इस घटना के बाद भारत की प्रतिक्रिया को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत ने शांति और कूटनीति पर क्यों दिया जोर?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी क्षेत्र में शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल सैन्य टकराव से नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के रास्ते को ही स्थायी समाधान मानता है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है और जल्द से जल्द संघर्ष समाप्त होना चाहिए।

ये भी पढ़ें- India-Finland Ties: UNSC में भारत को स्थायी सीट के समर्थन में फिनलैंड; PM मोदी बोले- राष्ट्रपति स्टब आयरनमैन..


भारत की कूटनीतिक रणनीति क्या है?
भारत ने इस संकट के बीच संतुलित और सावधानी भरा रुख अपनाया है। भारत एक तरफ ईरान के साथ अपने पारंपरिक संबंध बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक शांति और स्थिरता की भी बात कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह नीति क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने की दिशा में अहम है।



खामेनेई की मौत कैसे हुई?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इस सप्ताह हुए एक हवाई हमले में हुई। इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव तेजी से बढ़ गया है। हमले के लिए अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई को जिम्मेदार माना जा रहा है। इस घटना के बाद ईरान और उसके सहयोगी देशों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई देशों ने इस घटना पर चिंता और संवेदना भी व्यक्त की है।

पश्चिम एशिया में क्यों बढ़ रहा है तनाव?
पश्चिम एशिया में पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान में सैन्य अभियान चलाया जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं। इस संघर्ष के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों को आशंका है कि अगर स्थिति जल्दी नहीं संभली तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।

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