हिंदी-चीनी फिर होंगे भाई-भाई?
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भारत और चीन अपने सांस्कृतिक संबंधों का विश्वकोश जारी करने वाले हैं। इस विश्वकोश से दोनों देशों के सदियों पुराने संबंध को सामने लाया जाएगा।
इस विश्वकोश को दोनों देशों के चुनिंदा विद्वानों ने मिलकर तैयार किया है। भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी गुरुवार से शुरू हो रही अपनी पांच दिवसीय चीन यात्रा के दौरान इस विश्वकोश का अनावरण करेंगे।
दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों का विश्वकोश बनाने का विचार चीन के पूर्व प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने दिसंबर, 2010 की अपनी भारत यात्रा के दौरान दिया था।
दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों की चर्चा
विश्वकोश में सातवीं सदी में भारत आए चीनी यात्री ह्वेन सांग की यात्रा के विवरणों को भी शामिल किया गया है। ह्वेन सांग भारत बौद्ध धर्म के ग्रंथों की तलाश में भारत आए थे।
हालांकि सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस विश्वकोश में दोनों देशों के राजनीतिक और रणनीतिक रूप से जटिल मसलों को जगह नहीं दी गई है। भारत और चीन के बीच 1962 में युद्ध हो चुका है। इस विश्वकोश में भविष्य में भी बदलाव किए जाते रहेंगे।
माना जाता है कि ह्वेन सांग (602 ईसवी- 664 ईसवी) भारत से बौद्ध धर्म के 657 संस्कृत ग्रंथ चीन लेकर गए थे। उन ग्रंथों का उन्होंने चीनी भाषा में अनुवाद किया। ह्वेन सांग और भारत की यात्रा करने वाले एक अन्य चीनी यात्री फाह्यान को चीन में बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार का श्रेय दिया जाता है।