{"_id":"5ad6068f4f1c1b46098b50e0","slug":"hunger-strike-in-japanese-immigration-detention-centre-after-apparent-suicide-of-indian-detainee","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापान में भारतीय बंदी की कथित खुदकुशी के बाद इमीग्रेशन हिरासत केंद्र में भूख हड़ताल","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
जापान में भारतीय बंदी की कथित खुदकुशी के बाद इमीग्रेशन हिरासत केंद्र में भूख हड़ताल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 17 Apr 2018 08:07 PM IST
विज्ञापन
जापान का इमीग्रेशन हिरासत केंद्र
- फोटो : BBC
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जापान के इमीग्रेशन हिरासत केंद्र में रखे गए विदेशी नागरिकों ने एक शख्स की मौत के बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके बाद इस ओर सबका ध्यान गया है कि इन इमीग्रेशन केंद्रों में वे किन परिस्थितियों में रखे जाते हैं।
टोक्यो के उत्तर-पश्चिम में पूर्वी जापान के इमीग्रेशन केंद्र में शुक्रवार को एक भारतीय व्यक्ति ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस व्यक्ति को रिहा करने से मना कर दिया गया था, जिसके एक दिन बाद उसने आत्महत्या कर ली।
केंद्र के एक प्रवक्ता दाइसुके अकिनागा ने कहा, बंदियों ने रविवार को खाना खाने से मना कर दिया, जिसके बाद इस हड़ताल में बहुत से कैदी शामिल हो गए। उन्होंने बताया कि एक भारतीय की मौत, लंबी अवधि तक हिरासत में रखे जाना और अस्थायी रूप से रिहा होने में कैदियों की असमर्थता को विरोध के कारण हैं।
विज्ञापन
2006 के बाद से एक जापानी इमीग्रेशन हिरासत केंद्र में यह 14वीं मौत थी। इन मौतों के कारण चिकित्सा देखभाल के मानकों, एकान्त में रखे गए बंदियों की निगरानी और चिकित्सा आपातकाल में गार्डों की कार्यशैली की व्यापक आलोचना हो रही है।
विज्ञापन
टोक्यो के उत्तर-पश्चिम में पूर्वी जापान के इमीग्रेशन केंद्र में शुक्रवार को एक भारतीय व्यक्ति ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस व्यक्ति को रिहा करने से मना कर दिया गया था, जिसके एक दिन बाद उसने आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
केंद्र के एक प्रवक्ता दाइसुके अकिनागा ने कहा, बंदियों ने रविवार को खाना खाने से मना कर दिया, जिसके बाद इस हड़ताल में बहुत से कैदी शामिल हो गए। उन्होंने बताया कि एक भारतीय की मौत, लंबी अवधि तक हिरासत में रखे जाना और अस्थायी रूप से रिहा होने में कैदियों की असमर्थता को विरोध के कारण हैं।
विज्ञापन
2006 के बाद से एक जापानी इमीग्रेशन हिरासत केंद्र में यह 14वीं मौत थी। इन मौतों के कारण चिकित्सा देखभाल के मानकों, एकान्त में रखे गए बंदियों की निगरानी और चिकित्सा आपातकाल में गार्डों की कार्यशैली की व्यापक आलोचना हो रही है।