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ऑस्ट्रेलिया में आम चुनाव आज: वोट नहीं डालने वालों पर 1000 रु. का जुर्माना लगता है
Sat, 18 May 2019 06:29 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 18 May 2019 06:29 AM IST
सार
- जिनके पास अपने घर नहीं, उन्हें यात्री वोटर बनने की सुविधा
- दुनिया के 23 देशों में नागरिकों को वोट डालना अनिवार्य है
- ऑस्ट्रेलिया में मतदान केंद्रों के अलावा वोटर्स ऑनलाइन वोट भी दे सकेंगे
- 12 साल में सबसे ज्यादा 1099 दिन जूलिया गिलार्ड प्रधानमंत्री रहीं
- मतदान अनिवार्य होने से 95 साल में कभी 91%से कम वोटिंग नहीं, पर 12 साल में 6 प्रधानमंत्री बने
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Australia
- फोटो : social media
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया में शनिवार को आम चुनाव के लिए वोटिंग होगी। सरकार ने 1924 में यहां अनिवार्य मतदान का नियम बनाया था। तब से कभी भी यहां 91% से कम वोटिंग नहीं हुई। साल 1994 में तो 96.22% वोटरों ने मतदान किया था। सरकार मानती है कि वोटिंग अनिवार्य होने से लोग राजनीति और सरकार के कार्यों में रुचि लेते हैं। वे सक्रिय होकर वोटर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं।
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देश में 18 या उससे अधिक उम्र के नागरिकों को वोटिंग का अधिकार है। वोटिंग नहीं करने पर सरकार वोटर से जवाब मांगती है। संतोषजनक जवाब या उचित कारण नहीं मिलने पर करीब 1000 रुपए का जुर्माना लगाती है। इससे नियम का कुछ संगठन विरोध भी करते हैं। वे कहते हैं कि यह लोकतंत्र के मूलभूत आधार मतलब आजादी के खिलाफ है। इस नियम के समर्थक कहते हैं कि सरकार चुनने में जनता की भागीदारी अहम होनी चाहिए।
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ऑस्ट्रेलिया में हर तीन साल में आम चुनाव होते हैं। सरकार वोटिंग बढ़ाने के लिए वोटरों की सुविधा पर ध्यान देती है। जिन नागरिकों के पास अपने घर नहीं हैं, वे यात्री वोटर के तौर पर खुद का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अस्पताल में भर्ती वोटर पोस्टल बैलेट से वोटिंग कर सकते हैं। जो लोग वोटिंग के दिन बूथ पर पहुंचने में असमर्थ हैं, उनके लिए अर्ली वोटिंग सिस्टम की सुविधा है। बता दें कि 23 देशों में वोटिंग अनिवार्य है।
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ऑस्ट्रेलिया में 12 साल में 6 प्रधानमंत्री बन चुके हैं:
- 2007 से केविन रड 934 दिन पीएम रहे थे।
- जूलिया गिलार्ड 2010 से 1099 दिन तक पद पर रहीं।
- रड 2013 में फिर पीएम चुने गए, पर 83 दिन ही सके।
- 2013 में टोनी एबट आए। उनका टर्म 727 दिन रहा।
- मैल्कम टर्नबुल 2015 में आए। 1074 दिन बाद पद छोड़ना पड़ा।
- 2018 में स्कॉट मॉरिसन 270 दिन के पीएम बने।