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गज़ा संकट: मृतकों की संख्या 69 तक पहुंची

Mon, 19 Nov 2012 11:38 AM IST
Updated Mon, 19 Nov 2012 11:38 AM IST
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 Gaza Crisis: The death toll rose to 69

गज़ा पट्टी में इसरायली हमले जारी हैं। एक घर पर हुए हमलों में कम से कम दस लोगों की मौत हुई है।

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रविवार का दिन पिछले हफ्ते शुरू हुए इन हमलों के बाद सबसे ज्यादा खतरनाक दिन रहा।

बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक ये हमले हमास के एक अधिकारी को लक्ष्य करके किए गए थे, लेकिन इसमें कई बच्चों की जान चली गई।

वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने कहा है कि इसराइल हमले और तेज करने के लिए तैयार बैठा है।

इस बीच गजा पट्टी में हमास के चरमपंथी भी जवाबी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं और इसराइल की ओर रॉकेटों से कई हमले किए गए हैं।

वहीं दोनों ओर से संघर्ष विराम की कोशिशें लगातार जारी हैं।

रविवार को हुए इसराइली हमले में कम से कम 23 लोगों की मौत हुई है। गजा में अधिकारियों के मुताबिक इनमें कम से कम 14 बच्चे और महिलाएं थी।

अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को जब से इसराइल ने हमले शुरू किए हैं तब से वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 69 तक पहुँच गई है।

गुरुवार को तीन इसराइली नागरिकों की भी मौत हुई थी।

इस बीच संघर्ष विराम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रयास जारी हैं। इसरायली सरकार का एक दूत इस बारे में बातचीत के लिए काहिरा गया हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के भी सोमवार को काहिरा पहुंचने की उम्मीद है, जबकि अरब लीग का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को गज़ा का दौरा करने वाला है।


इस बीच भारत ने भी गज़ा पट्टी में चल रहे संघर्ष पर चिंता जताई है।

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, “हम गज़ा में संघर्ष को लेकर बेहद चिंतित हैं और चाहते हैं कि वहां तुरंत संघर्ष रुके ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की बहाली हो। हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि वे आगे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे कि स्थिति और बिगड़े।”
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प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत बेहद जरूरी है।

इसराइली रक्षा विभाग का कहना है कि रविवार को गजा की ओर से 76 मिसाइलें दागी गईं।

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि गज़ा में अस्पताल गंभीर रूप से घायल लोगों से भरे पड़े हैं।

फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि कई लोग अभी भी लापता हैं।

चिंता

"हम गज़ा में संघर्ष को लेकर बेहद चिंतित हैं और चाहते हैं कि वहां तुरंत संघर्ष रुके ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की बहाली हो। हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि वे आगे ऐसा कोई भी कदम न उठाएं जिससे कि स्थिति और बिगड़े।"
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सैयद अकबरुद्दीन, प्रवाक्ता, भारतीय विदेश मंत्रालय

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