बांग्लादेश धमाके में चार की मौत, एक हमलावर मारा गया, दो जिंदा पकड़े
बांग्लादेश में एक सप्ताह के अंदर दूसरा आतंकी हमला हो गया। बृहस्पतिवार को ईद की नमाज से पहले हुए आतंकी हमले में दो पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 13 लोग घायल हो गए। इसमें एक आतंकी भी मारा गया है। आतंकवादियों ने देशी बम फेंके और पुलिस पर गोलीबारी की। यह हमला बांग्लादेश के सबसे बड़े ईदगाह के समीप हुआ, जहां कम से कम दो लाख लोग नमाज पढ़ने जा रहे थे।
किशोरगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अबू सयेम ने बताया कि दो संदिग्ध हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी संदिग्ध आतंकियों की तलाश की जा रही है। हमले से ईदगाह पहुंचे लोगों में दहशत मच गई, लेकिन ईद की नमाज में कोई रुकावट नहीं आई।
इससे पहले आतंकियों ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित होली आर्टिजन बेकरी कैफे पर हमला करके भारतीय लड़की तारिषी जैन समेत 22 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस के मुताबिक बांग्लादेश के उत्तरी किशोरगंज जिले के शोलाकिया में ईद की नमाज के लिए कम से कम दो लाख लोग जुटे थे, तभी नमाज स्थल के समीप आतंकियों ने बम धमाके किए।
उन्होंने बताया कि हमले में एक कांस्टेबल की मौके पर मौत हो गई, जबकि कम से कम 13 लोग घायल हो गए। इसके अलावा हमले में घायल दूसरे पुलिसकर्मी ने पड़ोसी मेमनसिंह जिले के अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस और आतंकियों के बीच गोलीबारी के दौरान एक महिला की भी मौत हो गई। वह घटनास्थल के पास अपने घर की खिड़की से पुलिस और आतंकियों के बीच हो रही गोलीबारी को देख रही थी। इसके अलावा गोलीबारी में एक संदिग्ध आतंकी भी मारा गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक छह से सात आतंकियों ने पुलिसकर्मियों पर उस समय हमला किया, जब वे ईदगाह मैदान पर प्रवेश कर रहे लोगों की तलाशी ले रहे थे।
इस्लाम और मानवता के दुश्मन हैं हमलावर: हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज अदा कर रहे लोगों पर हमला करने वाले इस्लाम और मानवता के दुश्मन हैं। उन्होंने सभी मां-बाप और स्कूल अधिकारियों से अपील की कि अगर ढाका हमले के बाद से उनके बच्चे या छात्र लापता हैं, तो वे इसकी जानकारी पुलिस को दें। तकनीका की मदद से उनको ढूंढ निकाला जाएगा और जरूरत पड़ने पर बेहतरीन अस्पताल में इलाज कराया जाएगा। दरअसल, ढाका हमले के आतंकी कई महीनों से लापता युवा ही थे।
आईएस ने दी थी धमकी
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ढाका के कैफे पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी दी थी कि यह कत्लेआम तो झलक भर है। जब तक बांग्लादेश में इस्लामी कानून ‘शरीयत’ के हिसाब से शासन लागू नहीं होता है, तब तक हमले जारी रहेंगे।