फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   football star erik paartalu explains how north korea from inside

अंदर से कैसा है उत्तर कोरिया, सुनिए इस खिलाड़ी की जुबानी

Wed, 27 Mar 2019 07:53 PM IST
तिवारी अभिषेक बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Published by: तिवारी अभिषेक Updated Wed, 27 Mar 2019 07:53 PM IST
विज्ञापन
football star erik paartalu explains how north korea from inside
एरिक पारतलु - फोटो : File Photo
दुनिया से सबसे गोपनीय मुल्क का दौरा, वो भी ऐसे वक्त में जब दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के साथ उसका झगड़ा चल रहा हो। किसी भी फुटबॉल खिलाड़ी के लिए ये सामान्य दिन नहीं हो सकता।
विज्ञापन


इंडियन सुपर लीग में हिस्सा लेने वाली बेंगलुरू एफसी पिछले सप्ताह एएफसी कप टूर्नामेंट में प्योंगयांग 4.25 एससी से भिड़ने के लिए उत्तर कोरिया गई थी। इसे आप यूरोपा लीग का एशिया वर्जन कह सकते हैं।
विज्ञापन


होटल से मिसाइल दर्शन
इस मैच के अलावा टीम के खिलाड़ियों को सामान खोने की टेंशन, सुप्रीम लीडर किम जोंग उन से जुड़े उनके मीम और उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल टेस्ट से जुड़ी पसोपेश से गुजरना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीम से जुड़े पूर्व ऑस्ट्रेलियाई मिडफील्डर एरिक पारतलु से बातचीत की और उन्होंने जो कुछ इस ट्रिप के बारे में बताया, उसे पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे।

हम अपने रूम से देख सकते थे मिसाइट टेस्ट

football star erik paartalu explains how north korea from inside
एरिक पारतलु
इस मैच के अलावा टीम के खिलाड़ियों को सामान खोने की टेंशन, सुप्रीम लीडर किम जोंग उन से जुड़े उनके मीम और उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल टेस्ट से जुड़ी पसोपेश से गुजरना पड़ा।

टीम से जुड़े पूर्व ऑस्ट्रेलियाई मिडफील्डर एरिक पारतलु ने बताया कि, ''हमारे दौरे के आखिरी दिन मिसाइल टेस्ट की गई जिसे हम अपने होटल रूम से देख सकते थे। आप इस तरह की किसी चीज के लिए पहले कैसे तैयारी कर सकते हैं।''

भारत ने उत्तर कोरिया को 3-0 से दी थी मात

football star erik paartalu explains how north korea from inside
भारत ने उत्तर कोरिया को हराया
भारत में खेले गए एएफसी कप इंटर जोन सेमीफाइनल के पहले लेग में बेंगलुरु ने उत्तर कोरियाई टीम को 3-0 से हराया था।

दूसरा मैच उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के मे डे स्टेडियम में खेला गया जो 0-0 पर ड्रॉ रहा और भारतीय टीम फाइनल में पहुंच गई। लेकिन 31 साल के पारतलु इस मैच को लेकर संशकित थे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ये सवाल भी उठाया था कि क्या उत्तर कोरिया का दौरा करना सुरक्षित है।

इसके बाद एशियन फुटबॉल कनफेडरेशन (एएफसी) ने उत्तर कोरिया में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा और कहा कि दौरा करने में कोई दिक्कत नहीं है। पारतलु ने कहा, ''जहां जंग चल रही हो या अस्थिरता हो, वहां खेलने के लिए जाना अलग बात होती है लेकिन उत्तर कोरिया की कहानी तो बिलकुल ही अलग है।''
 

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जारी कर रखी है चेतावनी

football star erik paartalu explains how north korea from inside
मैल्कम टर्नबुल
''ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने चेतावनी जारी कर रखी है, जिसमें अपने नागरिकों को वहां ना जाने की हिदायत दी गई है। वहां कोई दूतावास नहीं है और परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा था।''

उन्होंने कहा, ''जब हम वहां पहुंचे तो काम पर ध्यान देना था लेकिन जब रवाना हुए थे तो ऐसी जगह जा रहे थे जिसके बारे में कुछ भी नहीं पता।' टीम पहले मुंबई गई, वहां से चीन की राजधानी बीजिंग और फिर उत्तर कोरिया की कैपिटल प्योंगयांग। मैच शुरू से महज 48 घंटे पहले टीम वहां पहुंची थी।

पारतलु ने कहा, ''जब हम वहां पहुंचे तो आंखें खुली रह गईं। जो कुछ आप खबरों में देखते हैं और सुनते हैं, वो वहां जाकर अनुभव करने से बिलकुल अलग है। तकरीबन खाली एयरपोर्ट पर उतरना अपने आप में अलग तरह का अनुभव था।''

सामान खोया, फिर इंतजार किया

football star erik paartalu explains how north korea from inside
फुटबॉल टीम
''ये एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट था लेकिन सिर्फ एक हवाई जहाज वहां खड़ा था। सामान को लेकर कोई कनफ्यूजन हो गया और हमें वहां दो घंटे गुजारने पड़े। इस दौरान सारा स्टाफ चला गया और लाइट भी। हम एयरपोर्ट पर अकेले थे।''

टीम को अपने मोबाइल फोन और टैबलेट देने पड़े ताकि उनमें रखी तस्वीरों की जांच की जा सके। इसके अलावा सामान की तलाशी ली गई और ये भी हिदायत दी गई कि उत्तर कोरिया में तस्वीरें खींचते वक्त वो जरा सावधान रहें।

''सबसे मजेदार बात ये थी कि उत्तर कोरिया से जुड़े कुछ मजाक हमने वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर किए थे जिनमें किम जोंग उन का जिक्र था। जब हम रवाना हुए थे, उससे पहले ऐसे सारे मैसेज डिलीट करने के लिए कह दिया गया था। हम वहां बैठे थे कि कब कोई आकर पकड़ ले।''

जूते खरीदने पड़े

football star erik paartalu explains how north korea from inside
फुटबॉल शूज
''मैं उम्मीद कर रहा था वहां ट्रिवटर ना हो क्योंकि मैंने ड्रिंक के लिए किम से मिलने का एक मजाक किया था।''

टीम के कई बैग जिनमें किट, बूट और बॉल शामिल थे, रास्ते में खो गए। इसकी वजह से कुछ खिलाड़ियों को होटल की दुकान से जूते खरीदने पड़े। पारतलु ने कहा कि फर्जी जूतों के लिए उनसे 150-200 डॉलर वसूले गए।

उन्होंने कहा, ''पहले अभ्यास सत्र के लिए हमारे पास कोई बूट, ट्रेनिंग किट और फुटबॉल नहीं थी। जो जूते हमने खरीदे, उनकी क्वालिटी ठीक नहीं थी, कुछ के साइज सही नहीं थे। प्रोफेशनल माहौल में आप इस तरह की चीजों की उम्मीद नहीं करते। जब हम मैदान से होटल पहुंचे, तो अचानक हमारा सारा सामान वहां आ गया था।''
 

ना फोन, ना इंटरनेट

football star erik paartalu explains how north korea from inside
इरेक पारतलु
इस दौरे में खिलाड़ी ना तो फोन इस्तेमाल कर सकते थे और ना ही इंटरनेट।''हम शाम के वक्त होटल पहुंचे तो सोच रहे थे कि स्ट्रीट लाइट क्यों नहीं जली हैं। किसी ने बताया कि ऐसा इसलिए किया गया है कि कोई भी सैटेलाइट से प्योंगयांग को देख ना सके।''

पारतलु ने कहा, ''पहली बार जब आप होटल पहुंचते तो अहसास होता है कि ये भी दूसरी जगह की तरह है। लेकिन लॉबी में टीवी लगा था और किम जोंग तस्वीर से झांक रहे थे। जैसे ही आप दाखिल होते हैं, प्रोपेगंडा शुरू हो जाता है।''

अकेले नहीं जाने देते थे

football star erik paartalu explains how north korea from inside
इरिक पारतलु
''आपको महसूस होता है कि आप जो कुछ देख रहे हैं, वो सब वही है जो वो दिखाना चाहते हैं। जहन में हमेशा सवाल आता है कि क्या ये वाकई सब कुछ असली है। हर जगह किम जोंग उन के पिता और दादा के पोस्टर थे, वो भी बड़े-बड़े। हर कोई काफी देशभक्त था।''

''प्योंगयांग की आबादी 26 लाख है, ऐसे में आपको हैरत होती है कि इससे बाहर रहने वाले 2.3 करोड़ लोग क्या करते हैं।'' टीम कभी भी अकेले बाहर नहीं जाती थी और हर कदम पर उसे दिशा-निर्देश मिलते थे। उन्होंने कहा, ''लोग काफी मददगार थे। सभी को देश के झंडे या सत्ताधारी परिवार की तस्वीर वाले पिन बैज पहनने पड़ते थे।''
 

स्टेडियम खाली क्यों था?

football star erik paartalu explains how north korea from inside
स्टेडियम
''अगर वो आपकी तरफ देख रहे हैं और आप उनकी तरफ देखें तो वो तुरंत अपनी नजरें हटा लेते हैं। जैसे उन्हें अहसास हो गया हो कि उन्हें नहीं देखना था।''

खिलाड़ी ने कहा, ''ज्यादा बातचीत नहीं होती थी लेकिन अगर आप हेलो कहें तो वो भी हेलों कहते थे और मुस्कुरा देते थे।''

फुटबॉल का मैच विशाल मे डे स्टेडियम में खेला गया लेकिन पारतलु के मुताबिक केवल 8-9 हजार लोग ये मैच देखने पहुंचे थे। ''स्टेडियम काफी बड़ा था, अगर पूरा भरा होता तो माहौल कुछ और होता लेकिन 9000 दर्शकों के साथ ऐसा नहीं लगा।''

मैच के दौरान सब चुप थे

football star erik paartalu explains how north korea from inside
फुटबॉल मैच
''वार्म-अप के दौरान भी माहौल काफी जोशपूर्ण था। लाल रंग का ट्रैकसूट पहने कई बच्चे चियर कर रहे थे लेकिन जब मैच शुरू हुआ तो एकदम शांति छा गई। ये इंग्लैंड की भीड़ जैसा नहीं था लेकिन वो फ़ुटबॉल समझते थे। बस यही कि उनका अंदाज कुछ अलग था।''

''हम इस बात पर फोकस कर रहे थे कि हमें क्या करना है। वो अटैक कर रहे थे और हम बचाव। हम मैच का नतीजा चाहते थे। सेकेंड लेग में उनकी टीम काफी बढ़िया खेली। उत्तर कोरियाई फुटबॉल काफी मजबूत है। हमने खुद देखा कि 4.25 टीम के पास सारी सुविधाएं थीं।''

अगर बेंगलुरु टीम जीत जाती को क्या होता, पारतलु ने कहा, ''ये मेरे जहन में भी आया था। लड़के मजाक कर रहे थे कि अगर हम गोल करने में कामयाब रहे तो जश्न नहीं मनाएंगे। लेकिन मैच 0-0 पर ड्रॉ रहा। मुझे लगता था कि ज्यादातर दर्शकों के लिए ये एक ड्रॉ मैच था, उन्हें पता भी नहीं था कि पहले लेग के मैच में क्या हुआ था।''

उठते ही मिसाइल की चर्चा

football star erik paartalu explains how north korea from inside
मिसाइल टेस्ट
ये मैच 13 सितंबर को खेला गया और टीम दो दिन बाद तक उत्तर कोरिया से रवाना नहीं हो सकी। उन्होंने कुछ ट्रेनिंग की और टूर भी, जो पारतलु के मुताबिक सेट-अप टूर थे।

शुक्रवार सवेरे उनकी आंख खुली तो पता चला कि उत्तर कोरिया ने जापान के ऊपर से बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया है।उन्होंने कहा, ''होटल में छह चैनल थे जिनमें कुछ चीनी थे, एक प्रोपेगेंडा चैनल था और एक अल जजीरा।''

उत्तर कोरियाई क्या कहते हैं

football star erik paartalu explains how north korea from inside
उत्तर कोरियाई नागरिक
''जब हम मिसाइल के बारे में पता कर रहे थे तो किसी ने कहा कि अगर आप सवेरे छह बजे होटल के बाहर खड़े होते तो खुद भी मिसाइल देख सकते थे। इसे एयरपोर्ट से छोड़ा गया था और इसका रास्ता साफ था।'' ''लड़कों ने एक-दूसरे की तरफ देखा जैसे कह रहे हों कि यहां से तुरंत चलते हैं। मुझे नहीं लगता कि उत्तर कोरिया के लोगों को स्थिति की पूरी जानकारी है भी।''

''हमारे खिलाड़ियों ने गाइड के सामने कुछ सवाल किए तो उन्होंने कहा कि वो अपनी सुरक्षा के लिए ये सब कर रहे हैं और सुप्रीम लीडर ने दिखा दिया कि वो अमरीका के मुकाबला कर सकते हैं। ऐसा लगा कि उनके दिमाग में यही सब भर दिया गया है कि उत्तर कोरिया मजबूत है और अमरीका कमजोर। काफी अजीब था ये सब।''
 

बहुत खूबसूरत देश है

football star erik paartalu explains how north korea from inside
उत्तर कोरिया
''उत्तर कोरिया बेहद खूबसूरत देश है। नीला आसमान, पेड़-पौधे, खेत और हरियाली। आपको कुछ भी अजीब नहीं लगता। अगर मैं फुटबॉल ना खेल रहा होता तो कभी भी उत्तर कोरिया में दाखिल ना हो पाता।''

पारतलु ने कहा, ''मैं इस ट्रिप को कभी नहीं भूल पाऊंगा, इसलिए खुशी है कि ये मौका मुझे मिला। लोग कई साल तक इसके बारे में मुझसे पूछते रहेंगे। ज्यादा लोग ऐसा नहीं कह सकते कि उन्होंने उत्तर कोरिया का दौरा किया है।''

दौरे से क्या सीखा?

football star erik paartalu explains how north korea from inside
उत्तर कोरियाई
''इस दौरे से सबसे बड़ा सबक मैंने ये सीखा कि जो कुछ भी खबरों में दिखाया जाता है, उस पर यूं ही यकीन मत कीजिए। एक इंसान या कुछ लोगों का समूह है, जो अजीब तरह से सोचता है।

मुझे उन लोगों के लिए बुरा लगा, जो वहां मुस्कुराते हुए दिखे थे। ये सोचकर कि ये देश नक्शे से गायब हो सकता है और खामियाजा वहां के लोगों को भुगतना पड़ेगा, काफी बुरा लगता है।''

पारतलु ने बताया, ''मैच के बाद मुझे उत्तर कोरिया की इस टीम के स्ट्राइकर ने गले से लगाया और मुस्कुराते हुए बधाई दी। खेल लोगों को करीब लाता है, इसलिए फुटबॉल खूबसूरत खेल है।''
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed