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इबोला का प्रयोगात्मक टीका 'सुरक्षित'
Updated Thu, 27 Nov 2014 08:19 AM IST
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इबोला से निपटने के लिए बने प्रयोगात्मक टीके के परीक्षण के बाद वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दवा सुरक्षित लगती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दवा से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को वायरस को पहचानने में मदद मिल सकती है।
यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के वैज्ञानिकों का कहना है कि नतीजे आशाजनक हैं। ये शोध न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपा है।
इस दवा को प्रयोग के तौर पर 20 लोगों को दिया गया था। इनमें से किसी पर भी दवा का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा और उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ने भी काम किया।
शोधकर्ताओं का कहना है अभी इन नतीजों को पुख्ता नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर दूसरे छोटे प्रयोग सफल साबित होते हैं तो इबोला का ये टीका पश्चिम अफ्रीका में स्वास्थ्य कर्मचारियों को अगले साल जनवरी महीने की शुरुआत से दिया जाएगा।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि पश्चिम अफ्रीका में पिछले हफ्ते आए इबोला के 600 ताजा मामलों में आधे से ज्यादा सियरा लिओन से आए हैं।
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यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के वैज्ञानिकों का कहना है कि नतीजे आशाजनक हैं। ये शोध न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपा है।
इस दवा को प्रयोग के तौर पर 20 लोगों को दिया गया था। इनमें से किसी पर भी दवा का कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा और उनके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता ने भी काम किया।
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शोधकर्ताओं का कहना है अभी इन नतीजों को पुख्ता नहीं कहा जा सकता लेकिन अगर दूसरे छोटे प्रयोग सफल साबित होते हैं तो इबोला का ये टीका पश्चिम अफ्रीका में स्वास्थ्य कर्मचारियों को अगले साल जनवरी महीने की शुरुआत से दिया जाएगा।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि पश्चिम अफ्रीका में पिछले हफ्ते आए इबोला के 600 ताजा मामलों में आधे से ज्यादा सियरा लिओन से आए हैं।