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अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर फिदेल कास्त्रो का 'हमला'
Updated Tue, 23 Oct 2012 11:04 AM IST
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फिदेल कास्त्रो ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया को आड़े हाथों लिया है और उसे 'झूठा' बताते हुए क्यूबा के सरकारी मीडिया में अपनी तस्वीरें प्रकाशित कराई हैं। 86 वर्षीय फिदेल कास्त्रो का कहना है कि उनका स्वास्थ्य अच्छा है और उन्हें ये भी याद नहीं आता कि आखिरी बार उनके सिर में दर्द कब हुआ था। वेनेज़ुएला के नेता इलियास जूसा ने रविवार को कहा था कि एक दिन पहले ही उन्होंने फिदेल कास्त्रो से मुलाकात की थी जो पांच घंटे चली थी। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीर पेश की और कहा कि कास्त्रो की तबीयत बहुत अच्छी है। फिदेल कास्त्रो की आखिरी छवि सार्वजनिक तौर पर इस साल मार्च में तब नजर आई थी जब उन्होंने क्यूबा की यात्रा पर आए पोप बेनेडिक्ट से संक्षिप्त मुलाकात की थी।
मौत की अटकलें
सार्वजनिक मंचों पर लंबे समय तक नज़र नहीं आने की वजह से सोशल मीडिया साइट्स पर उनकी तबीयत खराब होने की अटकलें लगाई जा रही थीं और यहां तक कहा जा रहा था कि हो सकता है कि उनकी मौत हो गई हो। फिदेल कास्त्रो ने अपने आलेख में लिखा है कि वैसे तो इस तरह की ख़बरों की भरमार है, लेकिन लोगों का इन पर भरोसा कम होता जा रहा है। फिदेल कास्त्रो ने लिखा है कि वे लेखन और अध्ययन में व्यस्त हैं, उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का फैसला किया है क्योंकि अब उनकी भूमिका अखबारों के पन्नों पर नहीं है।
'सिरदर्द क्या होता है'
उन्होंने अपने आलेख का समापन इन शब्दों में किया है, ''मुझे तो याद नहीं आता कि सिरदर्द क्या होता है। झूठ सामने लाने के लिए मैं इस आलेख के साथ अपनी ये तस्वीरें पेश कर रहा हूं।'' फिदेल कास्त्रो की ये तस्वीरें उनके बेटे एलेक्स ने खींची है जिसमें उन्हें चेक वाली शर्ट और काउ-बॉय टोपी में दिखाया गया है। कुछ तस्वीरों में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का अखबार ग्रेन्मा पढ़ते हुए दिखाया गया है।
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क्यूबा में वर्ष 1959 की क्रांति के बाद फिदेल कास्त्रो ने देश को नेतृत्व प्रदान किया था। वे वर्ष 1959 से वर्ष 1976 के दौरान देश के प्रधानमंत्री रहे और बाद में राष्ट्रपति भी बने। वर्ष 2006 में उनकी सर्जरी हुई थी जिसके बाद वे सार्वजनिक तौर पर बहुत कम नज़र आने लगे थे। उनके भाई राउल कास्त्रो क्यूबा के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे। फरवरी वर्ष 2008 में फिदेल कास्त्रो ने देश की बागडोर औपचारिक रूप से राउल के हाथों में सौंप दी थी। राउल कास्त्रो तभी से क्यूबा का नेतृत्व कर रहे हैं।
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मौत की अटकलें
सार्वजनिक मंचों पर लंबे समय तक नज़र नहीं आने की वजह से सोशल मीडिया साइट्स पर उनकी तबीयत खराब होने की अटकलें लगाई जा रही थीं और यहां तक कहा जा रहा था कि हो सकता है कि उनकी मौत हो गई हो। फिदेल कास्त्रो ने अपने आलेख में लिखा है कि वैसे तो इस तरह की ख़बरों की भरमार है, लेकिन लोगों का इन पर भरोसा कम होता जा रहा है। फिदेल कास्त्रो ने लिखा है कि वे लेखन और अध्ययन में व्यस्त हैं, उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूर रहने का फैसला किया है क्योंकि अब उनकी भूमिका अखबारों के पन्नों पर नहीं है।
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'सिरदर्द क्या होता है'
उन्होंने अपने आलेख का समापन इन शब्दों में किया है, ''मुझे तो याद नहीं आता कि सिरदर्द क्या होता है। झूठ सामने लाने के लिए मैं इस आलेख के साथ अपनी ये तस्वीरें पेश कर रहा हूं।'' फिदेल कास्त्रो की ये तस्वीरें उनके बेटे एलेक्स ने खींची है जिसमें उन्हें चेक वाली शर्ट और काउ-बॉय टोपी में दिखाया गया है। कुछ तस्वीरों में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का अखबार ग्रेन्मा पढ़ते हुए दिखाया गया है।
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क्यूबा में वर्ष 1959 की क्रांति के बाद फिदेल कास्त्रो ने देश को नेतृत्व प्रदान किया था। वे वर्ष 1959 से वर्ष 1976 के दौरान देश के प्रधानमंत्री रहे और बाद में राष्ट्रपति भी बने। वर्ष 2006 में उनकी सर्जरी हुई थी जिसके बाद वे सार्वजनिक तौर पर बहुत कम नज़र आने लगे थे। उनके भाई राउल कास्त्रो क्यूबा के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने थे। फरवरी वर्ष 2008 में फिदेल कास्त्रो ने देश की बागडोर औपचारिक रूप से राउल के हाथों में सौंप दी थी। राउल कास्त्रो तभी से क्यूबा का नेतृत्व कर रहे हैं।