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मिस्र की ममी को लगा दिल का रोग

Sun, 07 Apr 2013 06:14 PM IST
Updated Sun, 07 Apr 2013 06:14 PM IST
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even mummies had heart disease

एक नए शोध के मुताबिक हृदय की धमनियों में चर्बी का जमा होना मात्र आधुनिक जीवनशैली का परिणाम नहीं है। प्राचीन काल की ममियों में भी ये रोग काफी पाया गया।

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इस शोध में स्कैन के जरिए ममी में मौजूद हृदय रोगों का पता लगाया गया।

लांसेट में जब 4,000 साल पुरानी 137 ममियों पर एक शोध किया गया तो पाया गया कि हर तीसरी ममी हृदय रोग (ऐथेरोक्लेरोसिस) से ग्रस्त है।

जबकि अधिकांश लोग यही मानते आए हैं कि हृदय रोग और हृदयाघात जैसी बीमारियां आधुनिक जीवनशैली की पहचान, धूम्रपान और मोटापे जैसे कारकों से जुड़ी हुई है। शोध के ये नतीजे प्राचीन काल के लोगों के बुनियादी स्वभाव का संकेत देते है।
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दिल का रोग
इससे पहले हुए और कई शोधों से भी मिस्र की ममियों में मौजूद हृदय रोग (ऐथेरोक्लेरोसिस) का पता चला है।

मगर तब ये अनुमान लगाया गया था कि इनके हृदय रोग का कारण इनके समाज के अति उच्च तबके से आना और भोजन में वसा की अत्यधिक मात्रा का मौजूद होना हो सकता है।

ये बीमारी प्राचीन काल के लोगों के बीच किस कदर फैली हुई थी, इसकी बेहतर तस्वीर देखने के लिए शोधकर्ता ने सीटी स्कैन का इस्तेमाल किया।

उन्होंने मिस्र, पेरु, दक्षिणपूर्वी अमरिका और अलास्काके एलुथियन द्वीप के ममियों की जांच-पड़ताल की। इन ममियों में से 47 या 34 फीसदी ममी में पूर्ण या आंशिक रुप से ऐथेरोक्लेरोसिस पाया गया।
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धमनियां सलामत
जहां ममी की धमिनयां सही सलामत पाई गई, वहां ऐथेरोक्लेरोसिस की पुष्टि हुई। वहां मौजूद हृदय की सख्त नाड़ियां इस बात की स्पष्ट संकेत दे रही थीं।

ममी
कुछ स्कैन में धमनियां नहीं दिखी, लेकिन कड़ी परत अभी भी वहां मौजूद थी जहां कभी पहले धमनियां रही होंगी। वर्तमान सच यह है कि बढती उम्र के लोगों में इस रोग के भरपूर लक्षण मौजूद होते हैं।

शोधकर्ता के अनुसार कि ये नतीजे चौंकाने वाले हैं। यह शोध अलग-अलग वैश्वक क्षेत्रों में विभिन्न जीवनशैली और काल के लोगों में होने वाली बीमारियों के बारे में पता लगाने में हमारी मदद करता है।

कुलीन वर्ग का हिस्सा नहीं
कैनसस सिटी के सेंट ल्यूक मिड अमेरिकन हार्ट इंस्टीच्यूट के प्रोफेसर रानडाल थॉम्पसन बताते है कि भिन्न जीवनशैली और आहार वाली अलग-अलग संस्कृतियों में रहने वाले लोगों में समान स्तर पर ऐथेरोक्लेरोसिस का मौजूद होना यह बताता है कि प्राचीन मान्यताओं के इतर प्राचीन काल में भी यह बीमारी आम थी।

इसके अलावा, मिस्र के बाहर जितनी भी ममी का हमने अध्ययन किया है वे बताती हैं कि, उनके हृदय रोग के पीछे उनकी स्थानीय जलवायु थी। ये लोग उस खास कुलीन वर्ग का हिस्सा नहीं थे, जिससे प्राचीन मिस्र में अध्ययन के लिए ममी को चुना गया था। बल्कि ये आम लोग थे।

जीवनशैली
उन्होंने बताया कि आमतौर पे यही सोचा जाता है कि यदि आधुनिक इंसान औद्योगिकरण शुरु होने, यहां तक कि कृषि की संस्कृति शुरु होने के पहले की जीवनशैली अपनाता तो ऐथेरोक्लेरोसिस से बचा जा सकता था।


ये निष्कर्ष हमारी पुरानी धारणाओं पर संदेह खड़ा कर रहे हैं। इस शोध के अनुसार कम से कम इतना तो तय है कि ऐथेरोक्लेरोसिस से जुड़ी हमारी समझ अधूरी है।

ब्रिटिश हार्ट फाउण्डेशन में हृदय रोग विभाग की वरिष्ठ नर्स मॉरिन तालबोट का कहना है कि यह अध्ययन हमें प्राचीन लोगों के जीवन को समझने में मदद करती है। अच्छा खान-पान, धूम्रपान से परहेज और सक्रिय जीवन से आप अपने दिल को हर खतरे से दूर रख सकते है।

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