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संविधान संशोधन के बाद होगी चुनाव की घोषणा : प्रचंड

Mon, 05 Dec 2016 03:21 AM IST
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू
अतुल मिश्र/ अमर उजाला, काठमांडू Updated Mon, 05 Dec 2016 03:21 AM IST
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Election would be after constitutional amendment says Prachanda

 नेपाल के पीएम पुष्पकमल दहल प्रचंड ने कहा है की संविधान संशोधन के बाद चुनाव की तिथि की घोषणा की जाएगी। माओवादी मुख्यालय की बैठक में प्रचंड ने कहा कि संविधान संशोधन प्रस्ताव मधेशी मोर्चा की सहमती से पेश हुआ है। अब इसे वापस नहीं लिया जाएगा।

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उन्होंने कहा है कि इस प्रस्ताव में अब कोई फेरबदल भी नहीं होगा। उधर, विपक्षी नेपाल कम्युनिस्ट पार्र्टी (एमाले) सहित पांच दल ने रविवार को भी संसद की बैठक को बाधित किया। वे संविधान संशोधन प्रस्ताव वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बैठक में आरंभ में नेपाल मजदूर किसान पार्टी की सांसद अनुराधा थापा ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्र विरोधी है और इसे विदेश के इशारे पर लाया गया है।
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राष्ट्रपति भवन में सर्वदलीय बैठक
पिछले राजनीतिक घटनाक्रम पर बातचीत करने के लिए राष्ट्रपति विद्यादेवी भडारी ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में काग्रेस, एमाले और माओवादी केंद्र सहित अन्य दल के नेता मौजूद थे। संविधान संशोधन प्रस्ताव पेश होने के बाद राजनीतिक दलों में हुए मतभेद को दूर करने के लिए बैठक बुलाई गई थी। 

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नेपाल में सड़क और सदन दोनों नहीं चलने देंगे: हेतराज

Election would be after constitutional amendment says Prachanda
फाइल फोटो

नेपाल में संविधान संशोधन के विरोध में पांचवें दिन भी बंदी
नेपाली संविधान संशोधन के विरोध में पांचवें दिन भी नेपाल में बंदी रही। भैरहवां की सड़कों पर सन्नाटा रहा। एमाले के वरिष्ठ नेता हेतराज पंथी और इंद्रजीत यादव ने कहा कि नेपाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने अब आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

संविधान संशोधन के मुद्दे पर स्थानीय जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। लोग खुद इसके खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। हम सड़क और सदन दोनों नहीं चलने देंगे। पत्रकारों से बातचीत में एमाले के नेताओं ने कहा कि नेपाल में हिमाल, पहाड़ और तराई क्षेत्र का नाम हमारे पूर्वजों ने दिया। अब मधेश कह रहे हैं।

यह कहां से आया,  इसका कहीं उल्लेख नहीं है। जो कहता है उसी से जाकर जनता पूछें। माओवादी प्रमुख प्रचंड देश को बांटने का काम कर रहे हैं। वर्षों से हम भाई चारे के साथ रह रहे थे। जब भी इनकी सरकार बनती है तब यह लोगों में मतभेद डाल कर जनता को विभाजन की तरफ ले जाते हैं।

पूर्व में संविधान निर्माण के समय सरकार बहुमत में थी और उस समय प्रचंड ने क्यों नहीं संशोधन कराया। अब जनता पांच नंबर क्षेत्र से अलग नहीं होगी। उन्होंने बताया कि हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। आवाम का पूरा सहयोग मिल रहा है। इसमें किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

सोमवार से सरहद के नाकों पर चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने भंसार नेपाल को भी बंद करने की चेतावनी दी। कहा कि जब तक संविधान संशोधन वापस नहीं लिया जाएगा, बंदी जारी रहेगी।

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