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मिस्र: चुनावी समयसारिणी की घोषणा
Updated Tue, 09 Jul 2013 07:49 AM IST
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मिस्र में हिंसक संघर्ष के बीच अंतरिम सरकार ने देश में चुनाव कराने के लिए समय सारिणी का ऐलान किया है।
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अंतरिम नेता अदली मंसूर ने सोमवार को एक आदेश जारी किया जिसके तहत सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी समर्थित सांसदों के ज़रिए तैयार किए गए संविधान में संशोधन किया जाएगा।
उसके बाद जनमत संग्रह होगा और फिर अगले साल फ़रवरी में संसदीय चुनाव होंगे।
सोमवार को जारी किए गए आदेश के अनुसार संविधान में संशोधन के लिए अगले 15 दिनों में एक समिति गठित की जाएगी।
उस संशोधन पर लोगों की राय अगले चार महीनों में ले ली जाएगी।
इसके बाद अगले साल फ़रवरी में संसदीय चुनाव होंगे और नई संसद के गठन के बाद आख़िरकार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे।
मुस्लिम ब्रदरहुड ने इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस बीच मिस्र में हिंसा जारी है ख़ासकर राजधानी क़ाहिरा में सोमवार को 50 से ज़्यादा लोग मारे गए।
अंतरिम नेता अदली मंसूर ने क़ाहिरा में सेना के बैरकों के नज़दीक 51 लोगों के मारे जाने पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने अशांति के बीच लोगों से संयम बरतने की अपील की।
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अदली मंसूर ने कहा कि उन्होंने लोगों के मारे जाने की जाँच के आदेश दे दिए हैं।
मुस्लिम ब्रदरहुड का कहना है कि अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थन में धरने पर बैठे सदस्यों पर गोलियां चलाई गईं जबकि सेना ने कहा कि उन्होंने हथियारबंद लोगों के उकसावे पर कारवाई की।
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इस बीच मुस्लिम ब्रदरहुड ने नए आंदोलन का आह्वान किया है।
वर्ष 2011 के आख़िर और 2012 की शुरुआत में हुए संसदीय चुनावों में लगभग आधी सीटें जीतने वाली 'द फ्रीडम एंड जस्टिस पार्टी( एफ़जेपी)' ने मिस्रवासियों से अपील की है कि वह 'टैंको की सहायता से उनका परिवर्तन नाकाम बनाने की कोशिश करने वालों' का विरोध करें।
मोहम्मद मुर्सी के कई हज़ार समर्थकों ने सोमवार को तीसरे दिन भी क़ाहिरा की रब्बा अल-अदाविया मस्जिद के नज़दीक रैली निकाली।
मिस्र के पहले इस्लामिक और लोकतान्त्रिक नेता को बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछले हफ्ते सेना ने अपदस्थ कर दिया था।
मोहम्मद मुर्सी को हटाए जाने का समर्थन करने वाली कट्टरपंथी सलफ़ी नूर पार्टी ने गोलीबारी की घटना को 'जनसंहार' कहते हुए खुद को अंतरिम प्रधानमंत्री चुने जाने की वार्ता से अलग कर लिया है।
यह घटना उस जगह पर हुई जहाँ शुक्रवार को सेना द्वारा भीड़ पर की गई गोलीबारी में तीन लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए थे।
अदली मंसूर ने टेलीविज़न पर एक बयान में सोमवार सुबह हुई मौतों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'दुखद घटना' बताया।
उन्होंने राष्ट्रीय हित और देश की सुरक्षा के लिए लोगों से ख़ुद पर क़ाबू रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक न्यायिक आयोग इस मामले की जांच करेगा और नतीजों को जनता के सामने रखा जाएगा।
इस बीच अमेरिका ने मिस्र में हो रही हिंसा की निंदा की है और हिंसा रोकने के लिए लोगों से हरसंभव धैर्य बनाए रखने को कहा।
पस्पर विरोधी बयान
सोमवार सुबह बैरकों के बाहर हुए घटनाक्रम पर परस्पर विरोधी ख़बरें मिली हैं।
ब्रदरहुड ने मृतकों की संख्या 53 बताई और कहा कि इनमें बच्चे भी शामिल थे। इस दल ने कहा कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह क़रीब चार बजे सेना ने सुबह की नमाज़ अदा कर रहे सदस्यों पर धावा बोल दिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कम से कम 51 लोग मारे गए और 435 लोग घायल हुए हैं।
लेकिन सेना के प्रवक्ता कर्नल अहमद मोहम्मद अली ने कहा कि हथियारों, पट्रोल बमों और पत्थरों से लैस एक समूह ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया था।
उन्होंने कहा कि दो पुलिसकर्मी और सेना का एक जवान दोनो तरफ़ से हुई गोलीबारी के बीच मारे गए और आठ सैनिक गंभीर रूप से घायल हैं।
कर्नल अली ने इस घटना में बच्चों के मारे जाने का दावा ख़ारिज करते हुए कहा कि मरे हुए बच्चों की इन्टरनेट पर डाली गई तस्वीरें असल में मार्च में सीरिया में ली गई थीं।
क़ाहिरा में मौजूद बीबीसी संवाददाता लिस ड्यूसेट के अनुसार दोनों ही पक्ष कह रहे हैं कि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए सबूत के तौर पर वीडियो है। अब यही बात मायने रखती है कि जनता किस बात पर भरोसा करती है।
क्या हुआ था?
गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की जगह सर्वोच्च संवैधानिक अदालत के प्रमुख अदली मंसूर को चुना गया था। उन्होंने चुनाव करवाने का प्रण लिया हैं, हांलाकि अभी तक किसी तारीख़ की घोषणा नहीं की गई है।
सेना ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वह सत्ता में नहीं बने रहना चाहती।
क़ाहिरा में मौजूद क्लिक करें बीबीसी के जिम मुइर ने कहा की ताज़ा हिंसा से मिस्र के संकट का राजनैतिक समाधान खोजने के प्रयासों को झटका लगा है।
जिम मुइर के अनुसार कट्टरपंथी नूर पार्टी के राजनैतिक हस्तांतरण की वार्ता से ख़ुद को अलग कर लेने से भी नया प्रधानमंत्री चुने जाने के प्रयासों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।