आर्थिक विकास के मौकों से वंचित कर रहा इंटरनेट
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इंटरनेट ने कई देशों में न सिर्फ भ्रष्टाचार कम करने में मदद की है, बल्कि लोगों को बदलाव के लिए आवाज उठाने को एक मंच भी दिया है, लेकिन यह आर्थिक क्षेत्र की संभावनाओं को बढ़ाने में अभी तक कोई भागीदारी नहीं निभा पाया है।
अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इसके बढ़ते इस्तेमाल की वजह से इंटरनेट से वंचित लोगों के लिए आर्थिक विकास के मौके भी कम हो रहे हैं। बुधवार को विश्व बैंक ने इस संबंध में रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में आज भी 60 फीसदी लोग इंटरनेट की पहुंच से दूर हैं।
इंटरनेट यूजर के मामले में भारत तीसरे नंबर पर है। उससे पहले शीर्ष पर चीन, तो दूसरे नंबर पर अमेरिका काबिज है। आज हर कंपनी इंटरनेट के जरिये खुद को डिजिटल बनाने में जुटी है। इसका लाभ उन लोग को तो मिल जाता है, जो लोग पढ़े-लिखे हैं, लेकिन अनपढ़ और इंटरनेट से दूर आबादी को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा।
डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही
विश्व बैंक ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन यह आर्थिक विकास, रोजगार और सेवा के क्षेत्र में लाभांश को लेकर असमानता को पाटने में कामयाब नहीं है। यही नहीं, विकासशील देशों में कुल कर्मचारी संख्या का सिर्फ एक फीसदी हिस्सा डिजिटल टेक्नोलॉजी की देन है।
अमीर देशों में यह 3 से 5 फीसदी है। इससे इन देशों की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा इंटरनेट से वंचित रह जाता है, जिससे आर्थिक विकास में इंटरनेट की भागीदारी पिछड़ जाती है।
बैंक ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षित डिजिटल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा है कि इसके लिए लाभांश में असमानता के खतरे को कम करने के लिए मजबूत नींव तैयार करने की जरूरत है।