फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   divorce against divorce in islam of saudi arabia

यहां तलाक के जवाब में होता है तलाक!

Mon, 04 Aug 2014 11:27 AM IST
माई नोमन/बीबीसी संवाददाता, अरब सर्विस
माई नोमन/बीबीसी संवाददाता, अरब सर्विस Updated Mon, 04 Aug 2014 11:27 AM IST
विज्ञापन
divorce against divorce in islam of saudi arabia

यमन में बहन की शादी के बदले बहनोई की बहन से शादी का प्रचलन है, लेकिन इससे सफल वैवाहिक जीवन भी तबाह हो रहे हैं। इस तरह की शादियों को शेगर कहा जाता है और एक दंपत्ति के बीच संबंध बिगडने की स्थिति में इसका प्रभाव दूसरे दंपत्ति पर पडता है।

विज्ञापन


हालांकि इस तरह की शदियों को गैर-इस्लामिक करार दिया जा चुका है लेकिन मेहर की रकम न दे सकने की क्षमता के चलते अभी भी बहुत परिवारों में यह प्रथा कायम है।
विज्ञापन


पुरातन परम्परा, गरीबी और वर ढूंढने की मुश्किलें इस तरह की अदला बदली वाली शादियों का कारण हैं। अरब देशों में शादियों में दुल्हन के परिवार को मेहर के रूप में धन देने का चलन है। लेकिन यमन में एक दूसरे की बहनों-भाईयों से शादी करने की पुरातन प्रथा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पढि़ए माई नोमन की पूरी रिपोर्ट-

divorce against divorce in islam of saudi arabia

इस वैवाहिक अदला-बदली को 'शेगर' कहा जाता है। मेहर देने से बचने के लिए गरीब परिवारों में इसका काफी चलन है लेकिन अब इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं।

'यदि तुम मेरी बहन से शादी करो तो मैं तुम्हारी बहन से शादी कर लूंगा' की तर्ज पर होने वाली इन शादियों का दूसरा पहलू है- 'यदि तुमने मेरी बहन को तलाक दिया तो मैं तुम्हारी बहन को तलाक दे दूंगा।'

यमन में मेहर की रकम 3,500 डॉलर (करीब दो लाख रुपए) तक होती है, जबकि यहां ज्यादातर लोगों की आय प्रति दिन दो डॉलर (60 रुपए) है।

राजधानी साना के पास स्थित सवान गांव के एक वृद्ध मोहम्मद होमुद कहते हैं कि जब मेहर और शादी का खर्च उठाने का पैसा नहीं होता है तो लोग 'शेगर' शादी करते हैं।

वो कहते हैं कि यहां यह बहुत पुरानी परम्परा है लेकिन अब इसमें कमी आ रही है क्योंकि यह गरीबी को और बढा देती है। एक युवा महिला नादिया एक ऐसे व्यक्ति से ब्याही गई थीं जिसकी बहन उनके भाई से ब्याही गई थी। नादिया के तीन बच्चे हैं।

तलाक का जवाब तलाक से

divorce against divorce in islam of saudi arabia

उसकी जिंदगी में मुश्किल तब शुरू हुई जब उसके भाई ने उसकी ननद को तलाक दे दिया। इसके जवाब में उसके पति ने उसे भी तलाक दे दिया और उसके तीन बच्चों को भी छीन लिया।

इन तीन बच्चों में सबसे छोटी बच्ची सात माह की थी। वो अपनी इस दुधमुंही बच्ची को तीन साल बाद दोबारा देख पाई। कई धार्मिक विद्वान इन शादियों का विरोध करते हैं और इसे गैर इस्लामिक घोषित कर दिया है क्योंकि मुस्लिम शादी समझौते में मेहर अनिवार्य होता है। हालांकि इस तरह की शादियों में भी मेहर का चलन है।

भाई बहन वलीद और नोरा की शादी अपने चचेरे भाई बहनों से हुई लेकिन दोनों परिवारों ने मेहर दिया और इस बात पर सहमति जताई कि दोनों शादियां एक दूसरे पर निर्भर नहीं रहेंगी। बच्चे इस शादी के लिए तैयार नहीं थे और उन्होंने रोकने की थोडी बहुत कोशिश भी की।

वर ढूंढने का दबाव नहीं

divorce against divorce in islam of saudi arabia

लेकिन वहीद के वैवाहिक जीवन में दिक्कतें आनी शुरू हो गईं। नौ महीने बाद अपने उसने तलाक दे दिया। इसके बदले वहीद के बहनोई ने भी नोरा से रिश्ता तोड लिया। हालांकि वे खुश थे।

वहीद का कहना है, ''मुझे अपनी बहन के लिए अफसोस है लेकिन मैं अपनी शादी को और ज्यादा नहीं झेल सकता था।''

सौभाग्य से रिश्तेदारों और दोस्तों के हस्तक्षेप से नोरा फिर से अपने पति के साथ रहने लगीं हैं, लेकिन शेगर के तहत होने वाली शादियां सबके लिए भाग्यशाली नहीं होतीं। शेगर का चलन इसलिए भी है कि परिजनों पर अपनी बेटियों के लिए वर ढूंढने का दबाव नहीं होता है।

उस देश में जहां एक चौथाई महिलाओं की शादी 15 वर्ष की उम्र से पहले ही हो जाती है वहां परिजन बेटियों की छोटी उम्र में ही उनकी शादी की चिंता करने लगते हैं।

इसका एक और कारण है पिछली पीढी के दिखाए गए रास्ते। वलीद और नोरा के मता-पिता की इसी तरह शादी हुई है और आज भी खुश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed