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बांग्लादेश में इमारत हादसे की गूंज

Wed, 01 May 2013 06:52 PM IST
Updated Wed, 01 May 2013 06:52 PM IST
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dhaka building collapse

बांग्लादेश की राजधानी ढाका के बाहरी इलाके में फ़ैक्टरी की इमारत गिरने से हुए हादसे में मरने वालों की संख्या 400 से ज़्यादा हो गई है।

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सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लोगों ने अपने 149 रिश्तेदारों के गायब होने की शिकायत की है।

ढाका में बुधवार को मई दिवस के प्रदर्शन में हज़ारों लोगों ने भाग लिया और फ़ैक्टरी मालिक के लिए मौत की सज़ा की मांग की।

पिछले बुधवार को हुए देश के सबसे भयावह औद्योगिक हादसे में राणा प्लाज़ा भवन, जिसमें पांच फ़ैक्टरी चलती थीं, ढह गया था।

फांसी की मांग
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि 399 लोगों के शव मलबे से निकाले गए हैं और तीन अन्य लोगों की अस्पताल में मृत्यु हो गई है।

थल सेना के जनरल का कहना है कि लापता लोगों की सूची स्थानीय अधिकारियों ने बनाई है और ढाका के ज़िला प्रशासक ज़िलुर रहमान चौधरी ने इसकी पुष्टि की है।

इससे पहले हताहतों की संख्या काफ़ी अधिक बताई गई थी लेकिन यह पुनरावृत्ति का नतीजा भी हो सकता है।

बुधवार को सावर में ढही इमारत 600 टन मलबे में बदल चुकी है जिसमें से करीब 350 टन को हटा दिया गया है।

मई दिवस पर ढाका में हुए मुख्य प्रदर्शन में करीब 20,000 लोग जुटे। इसके अलावा राजधानी के अन्य हिस्सों और अन्य शहरों में भी प्रदर्शन किए गए।

ढाका में कई प्रदर्शनकारियों के बैनर में लिखा था, “हत्यारों को फांसी दो, फ़ैक्टरी मालिकों को फांसी दो।”

एक प्रदर्शनकारी लाउडस्पीकर पर चिल्ला रहा था, “मेरा भाई मारा गया है, मेरी बहन मारी गई है। उनका खून बेकार नहीं जाएगा।”

बांग्लादेश टेक्सटाइल और गार्मेंट वर्कर्स लीग के कमरुल अनाम ने कहा कि इमारत का गिरना हत्या है। समाचार एजेंसी एएफ़पी से उन्होंने कहा, “हम इसके दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सज़ा की मांग करते हैं।”
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यूरोपीय यूनियन करेगी कार्रवाई

इमारत का मालिक मोहम्मद सुहेल राणा पुलिस हिरासत में है। अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जिनमें फ़ैक्टरी मालिक और इंजीनियर भी शामिल हैं। इन पर लापरवाही बरतने का आरोप है।
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हादसे से एक दिन पहले ही राणा प्लाज़ा में दरारें दिखने लगी थीं, लेकिन कर्मचारियों को कथित रूप से काम जारी रखने को कहा गया।

इस दुर्घटना के बाद कई फैक्टरी बंद कर दी गई हैं और सड़कों पर प्रदर्शन लगातार जारी हैं। मंगलवार रात को प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लोगों से काम पर लौट आने का आग्रह किया।

संसद में उन्होंने कहा कि मैं कर्मचारियों को शांति बनाए रखने, मिलों और फैक्ट्रियों को चलाते रहने के लिए कहूंगी, वरना आप लोगों की नौकरी चली जाएगी।”

उधर यूरोपीय यूनियन ने कहा है कि वह बांग्लादेशी फैक्टरियों में काम की स्थितियों में सुधार के लिए “समुचित कार्रवाई” करने पर विचार कर रही है।

इसके तहत वह बांग्लादेश को व्यापार वरीयता प्रणाली में शामिल कर सकती है जिससे बांग्लादेशी सामान यूरोपीय बाज़ार में चुंगी और कोटा हो जाएगा।

बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग दुनिया के सबसे बड़े में से एक है। देश के कुल निर्यात का 80% इसी क्षेत्र से आता है। कपड़ा उद्योग में करीब 40 लाख लोगों को रोज़गार मिला है।

हालांकि कर्मचारियों को कम वेतनमान और अधिकारों के साथ ही फ़ैक्टरियों में असुरक्षित माहौल के लिए इसकी आलोचना भी की जाती है।

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