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कई दशकों तक गृह युद्ध से जूझने के बावजूद, ग्वाटेमाला विश्व के सबसे खुश देशों में से एक माना जाता है

Mon, 08 Oct 2018 08:47 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 08 Oct 2018 08:47 AM IST
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despite struggling from civil war, guatemala is considered to be one of the happiest country
Guatemala
हाल ही में ग्वाटेमाला 'वालकैन डे फुएगो'' के दुखद विस्फोट की वजह से अंतर्राष्ट्रीय खबरों में छाया हुआ था।  इस घटना में कई लोगों की मौत हो गयी थी साथ ही हजारों लोग बेघर हो गए थे। लेकिन इस दुखद घटना के पहले से ग्वाटेमाला के लोग कई दिक्कतों का सामना कर रहे थे।
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गरीबी के साथ-साथ सरकार की अव्यवस्था भी यहां के लोगों की परेशानियों का बड़ा कारण है। इन सब तकलीफों के बावजूद हैरत की बात ये है कि, ग्वाटेमाला विश्व के सबसे खुश देशों में से एक माना जाता है।
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ग्वाटेमाला का मतलब है हरियाली और खूबसूरती भरा पेड़ों का देश। यह इलाका पिछड़ा है और अच्छी जीवनशैली विकसित करने की कोशिश कर रहा है।


मुस्कुराते लोगों का देश

ग्वाटेमाला हमेशा मुस्कुराते रहने वाले लोगों का देश है। यहां के लोग आपस में मित्रवत व्यवहार रखते हैं। समस्याओं से घिरे रहने के बावजूद वे जिस प्राकृतिक सुंदरता से घिरे हैं वह उनको तनाव मुक्त रखती है। हैप्पीनेस इंडेक्स के मामले में ग्वाटेमाला जैसा देश भी अग्रणी है जो कई दशकों तक गृह युद्ध से जूझता रहा है। इसके बावजूद इस देश के लोग खुश रहना जानते हैं।
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 खास मान्यताएं

 हिन्दू शादियों में जिस तरह घर में कदम रखने से पहले कलश गिराया जाता है वैसे ही ग्वाटेमाला की शादियों में दूल्हे की मां, नवविवाहित जोड़ी की समृद्धि और यश के लिए एक सफेद घंटी तोड़ती है।

 ग्वाटेमाला की बसों को वहां के स्थानीय लोग 'चिकन बस' के नाम से पुकारते हैं। इसकी बड़ी वजह इन पुरानी अमेरिकी बसों में यात्रियों के साथ-साथ बकरियों और मुर्गियों का सफर करना है।


कब्र के लिए देते हैं किराया

ग्वाटेमाला में मुर्दों को कब्र में रखने के लिए हर महीने किराया भरना पड़ता है और अगर किसी महीने किराया नहीं दिया तो मुर्दे को कब्र से बाहर निकाल कर रख दिया जाता है। यहां कब्रों का किराया काफी महंगा है।


अगर किसी महीने किराया नहीं दिया जाता, उसके अगले महीने मुर्दे को पर्सनल कब्र से बाहर निकालकर सामूहिक कब्र में डाल दिया जाता है और उस खाली कब्र में नए मुर्दे को जगह दे दी जाती है। यहां कब्रिस्तान में कई ऐसे नजारे दिख जाएंगे जिसमें किराया न भरने के चलते कुछ शवों को कब्र से बाहर निकाल दिया गया।


प्रशासन ने हर शहर के बाहर एक सामूहिक ग्राउंड बनाया है जहां हर साल उन शवों को दफनाया जाता है जिनके परिजन समय पर किराया नहीं भर पाते।
 
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