चीन ने छेड़ी बो शिलाई विरोधी मुहिम

बीजिंग/एजेंसी Updated Sat, 29 Sep 2012 10:29 PM IST
china leaders stage show of unity after expelling bo xilai
चीन में वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता बो शिलाई के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) से निष्कासन के बाद चीन सरकार ने शिलाई विरोधी मुहिम छेड़ दी है, जिससे उनके समर्थकों में गुस्से की लहर तो दौड़ ही गई है इससे भविष्य में शिलाई पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के भी प्रबल संकेत मिल रहे हैं। चीन की आधिकारिक संवाद समिति शिन्हुआ ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता होने के नाते शिलाई को बाकी कैडर के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने सत्ता को केंद्रीयकृत किया और उनका बर्ताव बेहद लापरवाही से भरा रहा। उन्होंने पार्टी अनुशासन को भंग कर अपनी मनमानी चलाई।

शिन्हुआ ने शिलाई के खिलाफ भविष्य में होने वाली कानूनी कार्रवाई के प्रबल संकेत देते हुए कहा कि चाहे किसी नेता का पद कितना भी बड़ा क्यों न हो या चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह हमारी पार्टी के अनुशासन को भंग करेगा या देश के कानूनों के खिलाफ जाएगा तो उसे उसकी सजा भी दी जाएगी। उधर शिलाई के पार्टी से निष्कासित होने के बाद देश के सोशल मीडिया में गुस्से की तीव्र लहर दौड़ गई है।

चीन में आमतौर पर प्रतिबंधित समझे जाने वाली धुर वामपंथी वेबसाइट ‘रेड चाइना’ ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि सत्तारूढ़ पार्टी के वरिष्ठ नेता बो शिलाई को एकाएक शैतान के रूप प्रचारित किया जाना शुरू कर दिया गया। पार्टी से निकाले गए बाकी वरिष्ठ नेताओं के बजाए शिलाई के निष्कासन ने हमारे समाज को दो हिस्सों में बांट दिया है। इससे कुछ लोगों को राहत मिली है जबकि एक दूसरे तबके में गुस्से की लहर दौड़ गई है।

शिलाई के निष्कासन की खबर जारी होते ही माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ‘टिर’ तथा ‘वेइबो’ पर भी इस मामले को लेकर बहस छिड़ गई। चीन सरकार ने शिलाई को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला ऐसे समय पर लिया है जब वह लंबे समय से पार्टी से निलंबित तो चल ही रहे थे उनकी पत्नी ग्यू केलई को भी ब्रिटिश उद्यमी नील हेवुड हत्याकांड मामले में निलंबित मृत्युदंड की सजा सुनाई जा चुकी है तथा इस सोमवार ही उनके बेहद करीबी रहे चोंगकिंग शहर के पूर्व पुलिस प्रमुख वांग लिजुन को भी पद के दुरुपयोग, हेवुड मामले में केलई की भूमिका को ढकने जैसे चार मामलों में 15 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है।

अगर शिलाई को पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाता है या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई होती तो आगामी 08 नवंबर को होने वाले सीपीसी के राष्ट्रीय अधिवेशन में वह पोलित ब्यूरो की स्थाई समिति के सदस्य निर्वाचित होते। शिलाई ने चोंगकिंग शहर की कम्युनिस्ट पार्टी इकाई के सचिव पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए बड़ी मुहिम छेड़ी थी। उनके करीबी पुलिस प्रमुख लिजुन ने इस वर्ष की शुरुआत में जब चेंगदू स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास में जाकर संदिग्ध परिस्थितियों में शरण ली तब से ही शिलाई के राजनीतिक कैरियर के ध्वस्त होने की शुरुआत हो गई थी।

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