फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   china doctor trafficking case

चीन: वो डॉक्टर बच्चे चुराकर बेचती थी

Wed, 01 Jan 2014 01:24 PM IST
Updated Wed, 01 Jan 2014 01:24 PM IST
विज्ञापन
china doctor trafficking case

चीन में एक महिला डॉक्टर के ख़िलाफ़ नवजात बच्चों को चुराने और फिर उन्हें बेचने का मुकदमा चलाया जा रहा है। सरकारी मीडिया और अदालत का कहना है कि इस डॉक्टर पर बच्चों को तस्करी के लिए बेचने का आरोप है।

विज्ञापन


झांग शुझिया नाम के इस महिला डॉक्टर पर सात बच्चों को बेचने का आरोप है। इस महिला ने बच्चों के उनके माँ-बाप से ये कहकर ले लिया कि बच्चे कमज़ोर हैं और उन्हें देख-रेख की जरूरत है।
विज्ञापन


झांग ने अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

ये मामला तब सामने आया जब कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों के गायब होने के बारे में पुलिस में शिकायत की।

झांग नवंबर 2011 से लेकर सितंबर 2013 के बीच सात बच्चों को बेच चुकी है जिनमें जुड़वां बच्चों के भी दो जोड़े शामिल हैं।

झांग चीन के शांशी प्रांत में स्थित एक अस्पताल में काम करती थीं।

ताजा मामला
सबसे नया मामला गत 16 जुलाई का है जिसमें झांग ने एक बच्चे के माँ-बाप को बताया कि उनके बच्चे को कोई गंभीर बीमारी है और उसकी जांच के लिए कुछ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन झांग ने बच्चे को दो संदिग्ध लोगों को बेच दिया। उसके बाद इन लोगों ने बच्चे को हेनान प्रांत में किसी अन्य व्यक्ति के हाथ बेच दिया।

बच्चे के मां-बाप ने इसकी शिकायत पुलिस में की क्योंकि उन्हें संदेह हो गया कि उनके बच्चे को तस्करों के हाथों में दे दिया गया है।

उसके बाद अगस्त महीने में बच्चे को ढूंढ़ लिया गया और उसके मां-बाप को सौंप दिया गया।

झांग के साथ कई अन्य संदिग्धों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

हालांकि झांग के वकीलों का कहना है कि अभिभावकों ने बच्चों को अपनी इच्छा से दिया था और झांग तो इतनी बढ़िया डॉक्टर हैं कि उन्हें अच्छे कामों के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।


चीन में जनसंख्या नियंत्रण के कठोर कानूनों के चलते ज्यादातर लोगों के केवल एक ही बच्चा होता है। ऐसे मामलों में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद लड़का ही होता है।

हालांकि पिछले महीने ही एक कानून पास किया गया है जिसके बाद अब वहां की एक बच्चा नीति में कुछ हद तक बदलाव हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed