जमैका के मार्लन जेम्स को 2015 का मैन बुकर पुरस्कार
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अपने उपन्यासों के जरिए गैंगेस्टरों की स्याह दुनिया की परतें उघाड़ने वाले कैरेबियाई देश जमैका के लेखक मार्लंन जेम्स को 2015 का प्रतिष्ठित मैन बुकर पुरस्कार दिया गया है।
मार्लन ने भारतीय मूल के ब्रिटिश उपन्यासकार संजीव सहोता समेत पांच लेखकों को पछाड़ते हुए यह पुरस्कार अपने नाम किया है। उनको ‘ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ सेवेन किलिंग्स’ नामक उपन्यास के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। मैन बुकर प्राइज पाने वाले जेम्स पहले जमैका लेखक है।
जेम्स का यह उपन्यास रेगे सिंगर बॉब मार्ले की हत्या की कोशिश की वास्तविक घटनाओं के इर्द गिर्द घूमता है। उपन्यास में 1970 और 1980 के दशक में जमैका की राजनीति और वहां के गैंगवार को बखूबी चित्रित किया गया।
वर्तमान में अमेरिका के मिनीपोलिस में रह रहे 44 वर्षीय जेम्स ने कहा कि यह पुरस्कार पाना उनके लिए एक सपने जैसा है।
पुरस्कार के रूप में मिले 50 लाख रुपये
मंगलवार रात लंदन के गिल्डहॉल में आयोजित एक समारोह में मार्लन जेम्स को इस साल के मैन बुकर प्राइज से नवाजा गया। डचेस ऑफ कॉर्नवाल कैमिला से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद जेम्स ने कहा कि इस पुरस्कार से जमैका और कैरेबियाई लोगों की आवाजों पर ज्यादा गौर किया जाएगा।
जेम्स के सम्मान में बुधवार को ब्रिटेन के रॉयल मेल ने लाखों पत्रों को विशेष डाक चिन्ह लगाकर जारी किया। पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष माइकल वुड ने कहा कि 680 पेज का यह उपन्यास बेहद रोमांचक है। यह किताब आश्चर्य से भरपूर है और इसमें हिंसा और कस्मे-वादे भी हैं।
मार्लन के इस उपन्यास पर एक टीवी सीरीज भी बनने वाली है। मार्लन जेम्स को पुरस्कार के रूप में करीब 50,10,100 (50 हजार पाउंड) का चेक दिया गया है।
इसके अलावा पुरस्कार की दौड़ में शामिल संजीव सहोता समेत पांच लेखकों को करीब ढाई-ढाई लाख रुपये (25 सौ पाउंड) बतौर पुरस्कार दिया गया है। इस पुरस्कार की दौड़ में संजीव सहोता समेत पांच उपन्यासकार शामिल रहे।
संजीव को उनके उपन्यास ‘द ईयर ऑफ रनअवेस’ के लिए इस पुरस्कार की सूची में शामिल किया गया था। अन्य लेखकों की किताबों में लंदन के टॉम मैकार्थी की ‘सैटिन आईलैंड’, नाइजीरियाई मूल के शिगोजी ओबियामा की ‘द फिशरमैन’, लॉस एंजिलिस के लेखक हैन्या यानागिहारा की ‘ए लिटिल लाइफ’ और मिनिसोटा में जन्मे एनी टायलर की ‘ए स्पूल ऑफ ब्लू थ्रेड’ शामिल रही।