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जानें, क्या हुआ जब कचरे में खो गई 650 करोड़ की बिटक्वाइन
एजेंसी / लंदन
Updated Tue, 05 Dec 2017 04:19 AM IST
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बिटक्वाइन
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पिछले हफ्ते जब बिटक्वाइन की कीमत रिकार्ड ऊंचाई 10 हजार डॉलर प्रति यूनिट पर पहुंची, तो इस क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करने वाले हर शख्स ने जश्न मनाया, लेकिन ब्रिटेन के वेल्स में रहने वाला एक शख्स के लिए इसके कुछ और ही मायने हैं क्योंकि चार साल पहले उन्होंने गलती से 7500 बिटक्वाइन कचरे में फेंक दी थी। आज उसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर यानी 650 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
32 साल के जेम्स होवेल्स ने 2013 में सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने 7500 बिटक्वाइन वाली अपनी कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव न्यूपोर्ट स्थित कचरे के मैदान में फेंक दी थी। उस वक्त उसकी कीमत चार लाख डॉलर थीं। अब कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। आईटी विशेषज्ञ जेम्स के मुताबिक उन्हें हमेशा से मालूम था कि बिटक्वाइन की कीमत बेतहाशा बढ़ेगी। इस वर्चुअल करेंसी का सबसे शानदार दौर आना बाकी है। तब मेरी खोई बिटक्वाइन वाली हार्ड ड्राइव की कीमत एक अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगी। जेम्स के मुताबिक इतनी कीमती बिटक्वाइन खोने के बाद भी वे निराश नहीं हैं। वे अब भी बिटक्वाइन कैश और दूसरी वर्चुअल मुद्रा का कारोबार करते हैं। पर वह ड्राइव मिल जाए तो वे अरबपति बन जाएंगे।
पढ़ें- डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए RBI ला रहा है Bitcoin जैसी 'लक्ष्मी' करेंसी
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32 साल के जेम्स होवेल्स ने 2013 में सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने 7500 बिटक्वाइन वाली अपनी कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव न्यूपोर्ट स्थित कचरे के मैदान में फेंक दी थी। उस वक्त उसकी कीमत चार लाख डॉलर थीं। अब कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। आईटी विशेषज्ञ जेम्स के मुताबिक उन्हें हमेशा से मालूम था कि बिटक्वाइन की कीमत बेतहाशा बढ़ेगी। इस वर्चुअल करेंसी का सबसे शानदार दौर आना बाकी है। तब मेरी खोई बिटक्वाइन वाली हार्ड ड्राइव की कीमत एक अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगी। जेम्स के मुताबिक इतनी कीमती बिटक्वाइन खोने के बाद भी वे निराश नहीं हैं। वे अब भी बिटक्वाइन कैश और दूसरी वर्चुअल मुद्रा का कारोबार करते हैं। पर वह ड्राइव मिल जाए तो वे अरबपति बन जाएंगे।
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2009 में खरीदी बिटक्वाइन
बिटक्वाइन
जेम्स ने फरवरी, 2009 में पहली बार ब्लॉकचेन का इस्तेमाल कर बिटक्वाइन ली और उसे अपने डेल लैपटॉप पर डाल दिया। उसी साल उन्होंने अपने कंप्यूटर पार्ट्स को रिअसेंबल कराया और हार्ड ड्राइव अपने दराज में रखी दी। 2013 तक वह वहीं थीं, लेकिन एक दिन उन्होंने कचरे के साथ उसे फेंक दिया।
नहीं मिली तलाशी की इजाजत
ड्राइव को कचरे के मैदान में फेंके चार साल हो चुके हैं। तलाशी अभियान में वक्त लगेगा और वह महंगा भी पड़ेगा। हालांकि स्थानीय प्रशासन से कई बाद अनुरोध के बाद भी अब तक तलाशी की इजाजत नहीं मिली है। जेम्स कहते हैं कि अभी बिटक्वाइन की कीमत और बढ़ेगी इसलिए हार्ड डिस्क की तलाश बेहद जरूरी है।
आठ साल में 20 हजार करोड़ की बिटक्वाइन खो चुकी
एक अनुमान के मुताबिक 2009 में इस करेंसी की शुरुआत के बाद से 27.8 लाख यूनिट बिटक्वाइन खो चुकी है। आज उसकी कीमत 300 अरब डॉलर यानी करीब 20 हजार करोड़ रुपये है।
नहीं मिली तलाशी की इजाजत
ड्राइव को कचरे के मैदान में फेंके चार साल हो चुके हैं। तलाशी अभियान में वक्त लगेगा और वह महंगा भी पड़ेगा। हालांकि स्थानीय प्रशासन से कई बाद अनुरोध के बाद भी अब तक तलाशी की इजाजत नहीं मिली है। जेम्स कहते हैं कि अभी बिटक्वाइन की कीमत और बढ़ेगी इसलिए हार्ड डिस्क की तलाश बेहद जरूरी है।
आठ साल में 20 हजार करोड़ की बिटक्वाइन खो चुकी
एक अनुमान के मुताबिक 2009 में इस करेंसी की शुरुआत के बाद से 27.8 लाख यूनिट बिटक्वाइन खो चुकी है। आज उसकी कीमत 300 अरब डॉलर यानी करीब 20 हजार करोड़ रुपये है।