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अगवा छात्राओं के समर्थन में प्रदर्शनों पर रोक

Tue, 03 Jun 2014 11:48 AM IST
Updated Tue, 03 Jun 2014 11:48 AM IST
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Ban on demonstrations in support of the abducted girls

नाइजीरिया में पुलिस ने अप्रैल महीने में दो सौ स्कूली छात्राओं की रिहाई को लेकर राजधानी अबुजा में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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इन छात्राओं का इस्लामी चरमपंथियों ने अपहरण कर लिया था। अबुजा के पुलिस आयुक्त जोसेफ म्बु ने कहा कि ये रैलियां “अब सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा बनती जा रही हैं।”
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जब से इन लड़कियों का अपहरण हुआ है, नाइजीरिया में तब से लगभग रोज़ प्रदर्शन हो रहे हैं और सरकार से लड़कियों की रिहाई के लिए ठोस कदम उठाने की मांग हो रही है।

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कार्रवाई के लिए दबाव

Ban on demonstrations in support of the abducted girls

14 अप्रैल को कैमरून की सीमा से लगे चिबोक गांव से बोको हराम के चरमपंथियों ने इन लड़कियों को बंधक बना लिया था। अबुजा के पुलिस आयुक्त म्बु ने एक बयान जारी कर कहा है कि इन प्रदर्शनों में कुछ ‘ख़तरनाक तत्व’ भी शामिल हो सकते हैं।

लड़कियों की रिहाई के लिए सख्त कदम उठाने को लेकर नाइजीरियाई सरकार पर देश के भीतर और बाहर दोनों ही तरफ़ से काफी दबाव पड़ रहा है।

बीबीसी को पता चला है कि कुछ लड़कियों की रिहाई के लिए जेल में बंद कुछ इस्लामी चरमपंथियों को छोड़ने को लेकर सरकार के साथ सौदेबाजी भी चल रही थी।

रिहाई की मांग तेज

Ban on demonstrations in support of the abducted girls

साल 2009 में जबसे बोको हराम ने नाइजीरियाई सरकार के खिलाफ हिंसक अभियान चलाया है तब से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं।

जिन लड़कियों का अपहरण किया गया है उनमें से ज्यादातर ईसाई हैं और इन्हें उत्तर पूर्वी राज्य बोर्नो के चिबुक स्थित इनके स्कूल से ही उठा लिया गया था। ऐसा कहा जा रहा है कि इन्हें चाड और केमरून की सीमा पर किसी दूर-दराज के जंगली इलाके में रखा गया है।

इन लड़कियों का पता लगाने में मदद के लिए ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और फ्रांस जैसे देशों ने अपने विशेषज्ञ और उपकरण भेजे हैं।

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