तुर्की में सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला, 28 मरे
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तुर्की की राजधानी अंकारा बुधवार को आत्मघाती कार बम धमाके से दहल उठी। सेना के काफिले को निशाना बनाकर किए गए इस बम धमाके में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई।
संसद और सेना के मुख्यालय के पास हुए इस धमाके में 45 लोगों के घायल होने की भी खबरें हैं। सरकार ने हमले की निंदा करते हुए इस हमले को आतंकियों की करतूत बताया है।
माना जा रहा है कि हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ हो सकता है, जो अब तक इस देश में हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है। इस घटना के बाद प्रधानमंत्री अहमत दावातोगुलू ने बृहस्पतिवार को होने वाले अपने ब्रुसेल्स दौरे को रद्द कर दिया।
पूरे शहर में सुनी गई बम धमाके की आवाज
शहर के गवर्नर मेहमेत किलिक्लैर ने बताया कि कार बम धमाका उस वक्त किया गया, जब एक सैन्य काफिला गुजर रहा था। धमाका इतना तेज था कि शहर के ऊपर धूल और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज तकरीबन पूरे शहर में सुनी गई। माना जा रहा है कि इस धमाके में मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। मौके पर एंबुलेंस और फायर इंजन पहुंच गए।
आईएस से पहले कुर्द विद्रोही भी सैनिकों पर हमले करते रहे हैं, जिनमें कई जानें जा चुकी हैं। बीते साल अक्तूबर में आईएस ने सबसे भीषण आतंकी हमलों को अंजाम दिया था, जिसमें 103 लोग मारे गए थे। इसे आधुनिक तुर्की के इतिहास का सबसे खूनी हमला बताया माना गया था।