पुरातत्वविदों ने काले सागर में खोज निकाला दुनिया का सबसे पुराना जहाज
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पुरातत्वविदों ने काले सागर की तलहटी में एक जहाज के टुकड़े खोजे हैं। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह दुनिया का सबसे पुराना जहाज है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह जहाज 2400 सालों से ज्यादा समय से समुद्र में अछूता पड़ा रहा है।
यह जहाज करीब 23 मीटर लंबा है। इसे प्राचीन यूनानी काल (ग्रीक) का माना जा रहा है। सतह से करीब एक मील नीचे पाए गए जहाज में मस्तूल, पतवार मौजूद हैं। शोध करने वालों का कहना है कि गहराई में ऑक्सीजन कमी के कारण जहाज इस हालत में संरक्षित रहा और इसे कोई नुकसान नहीं हुआ।
प्राचीन समय में जहाज निर्माण प्रक्रिया समझने में मिलेगी सहायता
ब्लैक सी मैरीटाइम आर्कियोलॉजी प्रोजेक्ट (मैप) के मुख्य जांचकर्ता प्रोफेसर जॉन एडम्स ने इस बारे में कहा, 'मैं इस बात पर कभी यकीन नहीं करता कि कोई ऐसा जहाज भी है जो वर्तमान दुनिया से बिल्कुल अछूता है और समुद्र में सुरक्षित है।' उन्होंने कहा कि इस खोज से हमें यह समझने में काफी मदद मिलेगी कि प्राचीनकाल में जहाज किस तरह बनाए जाते थे और जहाज संबंधी कार्य किस तरह किए जाते थे।
जहाज खोजने वाली टीम ने कहा कि वह जहाज को वहीं रहने देना चाहते थे जहां उसे पाया गया था, लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ साउथएम्पटन ने जहाज के एक टुकड़े की कार्बन डेटिंग की है। यूनिवर्सिटी ने बताया है कि कार्बन डेटिंग से इस बात की पुष्टि हो गई है कि यह जहाज अभी तक का सबसे पुराना ज्ञात जहाज है।
माना जा रहा है कि यह जहाज एक तरह का व्यापारिक पोत था। शोधार्थियों का मानना है कि यह जहाज ब्रिटिश संग्रहालय में मौजूद 'सायरन वेस' पर बने जहाज के चित्र से मेल खाता है। टीम ने बताया कि इस खोज से संबंधित पूरा डाटा अगले सप्ताह लंदन में होने वाली ब्लैक सी मैप कांफ्रेंस में प्रस्तुत किया जाएगा।