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कब्र से निकाला जा रहा है अराफात का शव

Wed, 14 Nov 2012 04:35 PM IST
Updated Wed, 14 Nov 2012 04:35 PM IST
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Arafat's body being pulled from the grave

फलस्तीन के पूर्व नेता यासिर अराफात की कब्र को खोलकर उनके शव को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। यह फैसला उन आरोपों की जांच के लिए लिया गया है जिनके तहत यासिर अराफात को ज़हर दिया गया था।

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यासिर अराफात की मौत पेरिस में साल 2004 में हुई थी, जिसके बाद उन्हें पश्चिमी तट में दफ़नाया गया था। तब उनकी मेडिकल रिपोर्ट में उनके मौत की वजह खून में गड़बड़ी से हुए स्ट्रोक को बताया गया था।
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इसके बाद अगस्त 2012 में फ्रांस ने अराफात की कथित हत्या के आरोपों की जांच शुरू की। अराफात के परिवार ने उनकी मौत पर उठे सवालों के संबंध में ये मामला उठाया था, आरोप लगाए गए थे कि यासिर अराफात को रेडियोधर्मी पदार्थ पोलोनियम-210 देकर मारा गया था।
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'इसराइल ने जहर देकर मारा'

हालांकि कई फलस्लीनियों का मानना है कि अराफात को इसराइल ने जहर देकर मारा था, क्योंकि वो शांति के रास्ते में रुकावट बन गए थे। इसराइल ने इस मामले में किसी प्रकार का हाथ होने से इनकार किया है।


हालांकि अब उनका शव कब्र से निकाले जाने के बाद वैज्ञानिक शव की जांच शुरू करेंगे।

बीबीसी संवाददाता जॉन जॉनिसन ने फलस्तीनी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अगले कुछ हफ्तों में अराफात के कब्र की खुदाई शुरु की जाएगी। अराफात की कब्र को फिलहाल नीले तिरपाल से ढककर रखा गया है ताकि लोग उसे देख न सकें।

अराफात की मौत पर उठे सवालों की जड़ एक टेलीविजन डॉक्यूमेंट्री है, जो जुलाई में अल जज़ीरा चैनल पर दिखाई गई थी।

फलस्तीन के पहले राष्ट्रपति

चैनल ने अराफात की चीज़ों की जांच के लिए लोज़ैन यूनिवर्सिटी के वैज्ञनिकों से संपर्क किया था।

जांच के बाद वैज्ञानिकों ने चैनल को बताया कि उन्हें अराफात के कपड़ों और अन्य चीज़ों पर पोलोनियम-210 मिला था।

अराफात ने 35 वर्षों तक पीएलओ का नेतृत्व किया था और साल 1996 में फलस्तीन के पहले राष्ट्रपति भी बने।

यासिर अराफात की तबीयत अक्तूबर 2004 में अचानक बिगड़ गई और दो सप्ताह बाद ही 75 साल की उम्र में एक फ्रांसीसी सैन्य अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

गोपनीयता की शर्तों की वजह से फ्रांसीसी डॉक्टरों ने अराफात की हालत से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक नहीं की थी।

पोलोनियम – 210

अति रेडियोधर्मी और जहरीला पदार्थ
खाने में बेहद कम मात्रा में पाया जाता है
शरीर में प्राकृतिक तरीके से पैदा होता है
ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने पर खतरनाक
छूने से नहीं, खाए जाने से खतरा
तंबाकू में भी पाया जाता है

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