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राजनीति के गिरते स्तर से अमेरिकी मतदाता खफा

Sat, 05 Nov 2016 05:56 AM IST
राजनीति के गिरते स्तर से अमेरिकी मतदाता खफा
राजनीति के गिरते स्तर से अमेरिकी मतदाता खफा Updated Sat, 05 Nov 2016 05:56 AM IST
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American voters unhappy with falling levels of politics

अमेरिका की राजनीति में पहली बार राष्ट्रपति पद के प्रत्याशियों ने एक-दूसरे पर निजी स्तर पर आरोप प्रत्यारोप लगाए हैं। पहली बार सार्वजनिक बहस में महिलाओं की इज्जत चुनावी मुद्दा बनी है। यही नहीं बल्कि पहली बार ईमेल मामले, रूस के साथ संबंध और सार्वजनिक गाली-गलौच के बीच दोनों प्रत्याशियों की छवि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में दागदार साबित हुई है।

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8 नवंबर को ‘इलेक्शन डे’ से पूर्व अंतिम सर्वेक्षण में मतदाताओं ने पहली बार अमेरिकी राजनीति को निचले स्तर की बताते हुए नाराजगी जताई है। न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में हिलेरी क्लिंटन अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप से मात्र 3 प्वाइंट की मामूली बढ़त ही बना पाई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी हिलेरी को 45 प्वाइंट मिले जबकि रिपब्लिकन पार्टी के ट्रंप को 42 प्वाइंट ही मिल सके।
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इस अंतिम सर्वेक्षण में अमेरिका के बहुसंख्य मतदाताओं ने अमेरिकी राजनीति के प्रति उनमें घृणा के भाव के जागने की बेबाक राय रखी। प्रत्येक 10 में से आठ से भी ज्यादा मतदाताओं ने इस सर्वेक्षण में कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जहरीले बयानों के चलते उनमें ‘इलेक्शन डे’ के प्रति ‘उत्साह’ जागने के बजाय ‘निराशा’ का भाव जागृत हुआ है। हिलेरी और ट्रंप दोनों ही बहुसंख्य मतदाताओं के बीच अपनी ईमानदार छवि नहीं बना पाए हैं।

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हिलेरी ने अल्पसंख्यकों से बात की ट्रंप की पत्नी-बेटी भी मैदान में उतरे

American voters unhappy with falling levels of politics
ट्रंप और हिलेरी

सर्वेक्षण की समीक्षा में मतदाताओं के इस असंतोष का डरावना सच यह भी पाया गया कि आगामी राष्ट्रपति चाहे हिलेरी हों या ट्रंप, लेकिन दोनों में से कोई भी इस कड़वे चुनावी सत्र के बाद दोबारा अमेरिका को वह स्थान नहीं दिला पाएंगे जो उसने पिछले कई वर्षों में हासिल किया था। हिलेरी और ट्रंप के बीच होने वाला वर्तमान चुनाव प्रचार पूरे देश में श्वेत अश्वेतों के बीच तल्खी बढ़ा गया है।

मेक्सिको व अन्य देशों से आए प्रवासियों और मूल निवासियों के बीच खाई पैदा होने के साथ साथ मुस्लिमों में असुरक्षा बोध बढ़ा है। मतदाताओं के मुताबिक यदि हिलेरी राष्ट्रपति बनीं तो उन्हें न केवल वर्तमान चुनौतियों से जूझना होगा बल्कि ट्रंप के उग्र समर्थकों का सामना भी करना पड़ेगा। और यदि ट्रंप जीते तो वह पार्टी में विभाजन करा सकते हैं।  

हिलेरी ने अल्पसंख्यकों से बात की ट्रंप की पत्नी-बेटी भी मैदान में उतरे
अमेरिका में आम चुनाव से चार दिन पूर्व डेमोक्रेट प्रत्याशी हिलेरी क्लिंटन ने अल्पसंख्यकों के बीच जोरदार चुनाव प्रचार किया और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी रैली आयोजित कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की। चुनाव प्रचार में पहली बार ट्रंप की पत्नी मेलानिया और बेटी इवान्का भी मैदान में कूदीं और अपने पति व पिता के समर्थन में प्रचार किया।

हिलेरी ने अल्पसंख्यकों के संगठनों को संबोधित करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी ट्रंप पर सार्वजनिक हमले किए और कहा कि वे हर सूरत में मतदान करने अवश्य जाएं। श्रीमती क्लिंटन ने नार्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा के अश्वेत समुदाय के बीच भी जोरदार चुनाव प्रचार किया। वह हिस्पेनिक बहुल नवादा और एरिजोना भी गईं और अल्पसंख्यकों को मतदान के लिए प्रेरित किया। 

दूसरी तरफ, रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई रैलियां संबोधित कीं और मतदाताओं से कहा कि वह देश को एक स्वच्छ और मजबूत प्रशासन देंगे। ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने पेनसिल्वेनिया में महिलाओं से अपील की कि यदि ट्रंप राष्ट्रपति बनते हैं तो वे फर्स्ट लेडी के बतौर महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने के लिए काम करेंगी। उनके साथ बेटी इवान्का भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि देश की 50 फीसदी महिलाएं गरीबी में हैं इसलिए वह उन्हें उनका हक दिलाने के लिए हरसंभव काम करेंगी।

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