{"_id":"590188cd4f1c1b0b71c0e5a3","slug":"america-s-advanced-anti-missile-system-kim-jong-will-be-conscious-us-military-commander","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उत्तर कोरिया को किनारे करने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका ","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
उत्तर कोरिया को किनारे करने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका
amarujala.com- Submitted by: आनंद
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए दबाव बनाने को अमेरिका उस पर कड़े प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है। उत्तर कोरिया को रोकने के लिए अमेरिका कूटनीतिक कदम भी उठाएगा। कोरिया के मुद्दे पर सीनेटरों को जानकारी दिए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की नीति की घोषणा की गई।
इससे पहले प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर ने दक्षिण कोरिया में उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली स्थापित किए जाने का बचाव किया था। प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर का कहना है कि दक्षिण कोरिया में स्थापित उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली उत्तर कोरिया के नेता को किम जोंग उन को "अगर घुटनों पर नहीं तो होश में तो ले ही आएगी।"
प्रशांत कमांड के मुखिया एडमिरल हैरी हैरिस ने अमेरिकी कांग्रेस ने कहा है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के मिसाइल खतरे से निपटने के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीक के साथ तैयार रहेगा। अमेरिका ने विमानवाहक युद्धपोत के साथ जंगी जहाजों का बेड़ा और परमाणु पनडुब्बी कोरियाई प्रायद्वीप में तैनात की है। वहीं चीन का तर्क है कि दक्षिण कोरिया में स्थापित की जा रही अमेरिका की उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली क्षेत्र में सुरक्षा असंतुलन पैदा करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर ने दक्षिण कोरिया में उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली स्थापित किए जाने का बचाव किया था। प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर का कहना है कि दक्षिण कोरिया में स्थापित उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली उत्तर कोरिया के नेता को किम जोंग उन को "अगर घुटनों पर नहीं तो होश में तो ले ही आएगी।"
विज्ञापन
प्रशांत कमांड के मुखिया एडमिरल हैरी हैरिस ने अमेरिकी कांग्रेस ने कहा है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के मिसाइल खतरे से निपटने के लिए सर्वश्रेष्ठ तकनीक के साथ तैयार रहेगा। अमेरिका ने विमानवाहक युद्धपोत के साथ जंगी जहाजों का बेड़ा और परमाणु पनडुब्बी कोरियाई प्रायद्वीप में तैनात की है। वहीं चीन का तर्क है कि दक्षिण कोरिया में स्थापित की जा रही अमेरिका की उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली क्षेत्र में सुरक्षा असंतुलन पैदा करेगी।
विज्ञापन
हर नए परीक्षण के साथ किम अपने मकसद के करीब पहुंच रहे हैं
उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु परीक्षण करने की आशंकाओं के बीच कोरिया क्षेत्र में तनाव बढ़ता ही जा रहा है। एडमिरल हैरिस ने अमेरिकी कांग्रेस में कहा कि उन्हें लगता है कि उत्तर कोरिया के पास जब भी सैन्य क्षमता होगी, वो अमेरिका पर हमला करने की कोशिश करेगा। उन्होंने सदन की सैन्य सेवा समिति को बताया, "हर नए परीक्षण के साथ किम अपने मकसद के करीब पहुंच रहे हैं जो कि अमेरिकी शहरों पर परमाणु हमले करना है।"
उन्होंने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस कह चुके हैं, अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं।" एडमिरल हैरिस ने ये भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रिश्ते उत्साहजनक हैं। उन्होंने कहा कि नई मिसाइल रोधी प्रणाली चीन के लिए कोई खतरा नहीं है। इसी बीच चीन ने अपनी बढ़ती सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा विमानवाहक युद्धपोत सागर में उतार दिया है।
चीन का ये नया जंगी जहाज 2020 तक प्रभावी रूप से चलने लगेगा। हाल के दिनों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जबानी जंग तेज हुई है। अमेरिका चीन से अपने सहयोगी उत्तर कोरिया पर काबू करने का आग्रह करता रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ रहे तनाव के मुद्दे पर बुधवार को सीनेटरों को जानकारी देगा।
उन्होंने कहा, "जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस कह चुके हैं, अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं।" एडमिरल हैरिस ने ये भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रिश्ते उत्साहजनक हैं। उन्होंने कहा कि नई मिसाइल रोधी प्रणाली चीन के लिए कोई खतरा नहीं है। इसी बीच चीन ने अपनी बढ़ती सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए अपना दूसरा विमानवाहक युद्धपोत सागर में उतार दिया है।
चीन का ये नया जंगी जहाज 2020 तक प्रभावी रूप से चलने लगेगा। हाल के दिनों में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जबानी जंग तेज हुई है। अमेरिका चीन से अपने सहयोगी उत्तर कोरिया पर काबू करने का आग्रह करता रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ रहे तनाव के मुद्दे पर बुधवार को सीनेटरों को जानकारी देगा।