अमेरिकी हमले में मारा गया अल कायदा का बड़ा नेता
अल-क़ायदा ने इस बात की पुष्टि की है कि संगठन के अरब द्वीप के नेता नासिर अल-वुहैशी यमन में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए हैं। संगठन के एक्यूएपी समूह ने एक ऑनलाइन वीडियो में वुहैशी की मौत की पुष्टि की।
संगठन के अनुसार उनकी जगह सेना प्रमुख क़ासिम अल-रायमी लेंगे। वुहैशी को अल-क़ायदा में दूसरे नंबर का नेता माना जाता था। वो अल क़ायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन के निजी सचिव भी रह चुके थे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वुहैशी ने अल-क़ायदा के सबसे सक्रिय समूहों में से एक का गठन किया था।
यमन में अल-क़ायदा लड़ाकों ने हूती शिया विद्रोहियों के नियंत्रण वालों इलाक़ों अपना कब्जा स्थापित किया है। इसमें उन्हें सऊदी अरब के नेतृत्व वाले हवाई हमले से भी अपरोक्ष मदद मिली।
दूसरा सबसे बड़ा हमला
पिछले कुछ महीनों में एक्यूएपी के कई नेताओं के मौत हुई है। जिसके कारण संगठनों के समर्थकों के बीच ये अफ़वाह फैल गई है कि नेताओं को सुरक्षा एजेंसियाँ निशाना बना रही हैं। इससे पहले यमन के मीडिया समूह अल-मसदर ने ख़बर दी थी कि पिछले शुक्रवार को हुवैशी एक हमले में मारे गए।
अमेरिकी अधिकारियों ने इससे पहले हुवैशी की मौत टिप्पणी करने से मना कर दिया था। हालांकि चरमपंथियों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखने वाले संस्थान साइट इंटेलीजेंस ग्रुप के अनुसार साल 2011 में बिन लादेन के मारे जाने के बाद सबसे बड़ा हमला था।है कि सुषमा स्वराज ने कुछ गलत नहीं किया।