हवाई हमले 'इस्लाम के खिलाफ युद्ध'
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सीरियाई चरमपंथी गुट अल-नुस्रा फ्रंट ने अमेरिकी नेतृत्व वाले हवाई हमलों को ''इस्लाम के खिलाफ युद्ध'' कह कर उसकी निंदा की है।
इंटरनेट पर पोस्ट किए गए एक वक्तव्य में अल-कायदा से जुडे इस गुट ने दुनिया भर में जिहादियों से हवाई हमलों में शामिल पश्चिमी और अरब देशों को निशाना बनाने को कहा।
ये वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब अमरीका और कई अन्य देश इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट लडाकों के खिलाफ हवाई हमलों का दायरा बढ़ा रहे हैं।
आईएस और अल-नुस्रा फ्रंट दोनों ही कट्टरवादी इस्लामिक गुट हैं लेकिन अब तक दोनों एक दूसरे के खिलाफ थे और हाल के समय सीरिया में एक दूसरे के आमने-सामने थे।
अमेरिका आईएस को तबाह करेगा या इस्लाम को?
लेकिन शनिवार को अल-नुस्रा के प्रवक्ता अबु फिरास अल-सूरी ने गठबंधन में शामिल देशों को धमकी दी। उन्होंने कहा, "ये देश एक बहुत भयंकर कदम उठा रहे हैं जो इन्हें दुनिया भर के जिहादियों के निशाने पर ले आएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "ये अल-नुस्रा के खिलाफ नहीं बल्कि इस्लाम के खिलाफ युद्ध है।"
अमेरिका के नेतृत्व में अरब देशों समेत 40 देशों के गठबंधन का मकसद आईएस को तबाह करना है। इस गुट ने उत्तर-पूर्वी सीरिया और उत्तरी इराक के बडे हिस्सों पर कब्जा कर रखा है।