विज्ञापन
विज्ञापन

अफगानिस्तान: आतंकवाद और खौफ के बीच हिंदुओं और सिखों की जिंदगी

एजेंसी/ काबुल Updated Fri, 24 Jun 2016 05:25 AM IST
अब अफगानिस्तान में 220 से भी कम हिंदू परिवार बचे
अब अफगानिस्तान में 220 से भी कम हिंदू परिवार बचे - फोटो : Reuters
ख़बर सुनें
गृहयुद्ध की आग में झुलसे अफगानिस्तान में आतंकवाद और इस्लाम कट्टरवाद के खौफ की वजह से अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोग तेजी से पलायन किया हैं। आलम यह है कि अफगानिस्तान में अब मुट्ठी भर हिंदू और सिख परिवार बचे हैं।
विज्ञापन
हिंदुओं की बात करें, तो अब अफगानिस्तान में 220 से भी कम हिंदू परिवार बचे हैं, जबकि 1992 में दो लाख 20 हजार हिंदू थे। आतंकवाद, इस्लामिक कट्टरवाद के खतरे और आर्थिक चुनौतियों के चलते हिंदू और सिख परिवार अपनी जन्मभूमि को छोड़कर पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

अफगानिस्तान में तेजी से घट रहे हिंदू और सिख समुदाय पर ताजा हमले के तहत जगतार सिंह नामक सिख की हत्या की कोशिश की गई। अफगानिस्तान के काबुल शहर में जगतार सिंह अपनी हर्बल शॉप में बैठे थे, तभी एक शख्स आया और सीधे उनके गले पर चाकू रख दिया।

उसने जगतार सिंह को धमकी दी, ‘इस्लाम कबूल कर लो, वरना गला काट दिया जाएगा।’ आसपास खड़े लोगों और दूसरे दुकानदारों ने जगतार की जान बचाई। इसके अलावा पिछले सप्ताह तालिबान ने हेलमंड में हिंदुओं को पत्र भेजकर दो लाख अफगानी (2800 डॉलर) हर महीने देने को कहा।

इसके चलते कई हिंदू और सिख परिवार घर छोड़कर चले गए। सदियों से देश के व्यापार और कारोबार में अल्पसंख्यक अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

खौफ से होती है दिन की शुरुआत

दुकान पर बैठे जगतार सिंह


हर्बल शॉप चलाने वाले जगतार सिंह बताते हैं कि अफगानिस्तान में दिन की शुरुआत खौफ से होती है। अगर आप मुस्लिम नहीं हैं, तो कट्टरपंथियों की निगाह में इंसान नहीं हैं। जगतार सिंह का कहना है कि उनको समझ में नहीं आता कि वह क्या करें और कहां जाएं? नेशनल काउंसिल ऑफ हिंदूज एंड सिख्स के चेयरमैन अवतार सिंह के मुताबिक किसी जमाने में पूरे अफगानिस्तान में फैले रहे ये हिंदू और सिख परिवार अब अफगानिस्तान के काबुल, नांगरहार और गजनी में ही रह गए हैं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

अफगान सरकार गिरने के बाद बिगड़े हालात 

विज्ञापन

Recommended

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम
Invertis university

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Rest of World

इस शख्स की वजह से आया वीडियो का वजूद

आज हम आपको उस शख्स के बारे में बता रहे हैं, जिनकी खोज के कारण हम आज कोई भी वीडियो देख पा रहे हैं। उस शख्स का नाम है जोसेफ एंटोइन फर्डिनेंड प्लेटू। जोसेफ प्लेटू एक बेल्जियन भौतिकशास्त्री यानी Physicist थे।

14 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

मदर टेरेसा को मिला था शांति के लिए नोबेल पुरस्कार, लेकिन कुछ लोगों ने दिया था नकार

17 अक्टूबर 1979 को मदर टेरेसा को शांति का नोबेल मिला था। नोबेल पुरस्कारों का इतिहास काफी रोचक रहा है। साथ ही विवादास्पद भी। ऐसा भी हुआ है जब विश्व का यह सर्वोच्च सम्मान लेने से लोगों ने मना कर दिया।

17 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree