गजनी पर कब्जे की कोशिश, तालिबान ने मारे अफगानिस्तान के 200 सैनिक
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तालिबान ने पिछले चार दिनों में अफगानिस्तान सरकार की सेना के 200 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मार दिया है। अफगानिस्तान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर गजनी पर नियंत्रण बनाने के लिए तालिबान ने चार अलग-अलग मोर्चों पर यह लड़ाई छेड़ी है।
एक अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि गजनी का सबसे अधिक प्रभावित इलाका दक्षिण-पूर्वी है जहां रविवार तक 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों और सैनिकों ने अपनी जान गवां दी थी।
विद्रोहियों ने कुछ महत्वपूर्ण सरकारी सुविधाओं के अलावा गजनी के अधिकतर इलाकों पर कब्जा जमा लिया है। उन्होंने अजरीस्तान जिले को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है। जिले की सुरक्षा में तैनात सैन्य कमांडो टुकड़ी दो दिनों से लापता थी।
रविवार को जब उनके शव मिले तो मृतकों की संख्या 40 से बढ़कर 100 पहुंच गई। वहां से बचे 22 सैनिक पहाडिय़ों में मिले और उन्हें गधों पर सुरक्षित ले पहुंचाया गया।
हर घंटे घायलों और मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है
फरयाब प्रांत में भी तालिबानी आतंकियों ने 100 सैनिकों वाले एक अफगान राष्ट्रीय सैन्य बेस पर हमला किया गया जिसमें आधे से अधिक सैनिक मारे गए।
रविवार तड़के खत्म हुई इस लड़ाई के बाद सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे वहां एक और रात बिताने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। वहीं उत्तरी बगलान प्रांत में पुल-ए-खुमरी और कुंदुज के बीच सामरिक राजमार्ग पर शनिवार को आतंकियों ने सात पुलिसकर्मियों और नौ सैनिकों को मार दिया जबकि तीन अन्य सैनिकों का अपहरण कर लिया।
बढ़ते अफगान संघर्ष के बीच अफगान सरकार के लिए पिछले कुछ दिन बहुत बुरे हैं। इस लड़ाई से साबित हो गया है कि आतंकी कई मोर्चों पर लड़ाई लडऩे में सक्षम हैं जबकि सरकार केवल गजनी में ही जवाबी कार्रवाई करने के लिए संघर्ष कर रही है।
गजनी अस्पताल के निदेशक बाज मोहम्मद ने कहा कि वहां 113 लोगों के शव के साथ 142 लोगों को घायल अवस्था में लाया गया। इसमें अधिकतर लोग वर्दी में थे। हमारे पास कमरे नहीं है और हम गलियारों आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि लड़ाई अस्पताल के काफी करीब हो रही है और हर घंटे घायलों और मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका जताई जा रही है क्योंकि शहर के कई हिस्सों से अभी भी शवों को बरामद नहीं किया गया है।