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अमेरिकाः 6000 साल पुरानी खोपड़ी में दफन राज से उठा पर्दा
एजेंसी,पापुआ गिनी
Updated Fri, 27 Oct 2017 01:07 AM IST
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6,000 साल पुरानी खोपड़ी
- फोटो : FILE PHOTO
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वैज्ञानिकों ने 1929 में मिली एक इंसानी खोपड़ी की जांच करके 6000 साल पहले हुई मौत के राज से पर्दा उठाया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक 88 साल पहले मिली खोपड़ी वाला इंसान उस वक्त आई सुनामी का शिकार हुआ है। अब तक एक विलुप्त प्रजाति का हिस्सा मानी जाने वाली यह खोपड़ी अपने ताजा नतीजों से कई प्राचीन रहस्य खोलने को बेकरार हैं।
वर्तमान में खोपड़ी की जांच से जो दिलचस्प पहलू सामने आया है उसे लेकर वैज्ञानिकों को सुनामी में लुप्त हुई सभ्यता की खोज करने में काफी आसानी हो सकेगी। प्रख्यात शोध जर्नल ‘प्लो-एस वन’ में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि सुनामी की चपेट में आकर मरने वाला यह सबसे पुराना ज्ञात शख्स है।
नये शोध में पाया गया कि जिस जगह पर 6000 साल पुरानी खोपड़ी मिली थी वहां की तलछट के अध्ययन में सुनामी के चिन्ह भी मिले हैं। बारीकी से देखने पर पता चला कि यह एकदम वैसी ही सुनामी थी जैसी 1998 के दौरान इस इलाके में आई थी।
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ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स में सुनामी विशेषज्ञ जेम्स गॉफ ने बताया कि पापुआ न्यू गिनी के उत्तरी तट से 12 किलोमीटर दूर आइटापे शहर में मिली मानव की खोपड़ी यह भी बताती है कि दुनिया के तटवर्ती इलाकों में इंसानों की बसाहट किस तरह की रही है।
इन घटनाओं का इंसानों के प्रवास, बसावट और संस्कृति पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। वैज्ञानिकों को जिस नदी के तल से खोपड़ी मिली वहां एकत्रित भूगर्भीय तलछटों के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
बदली अध्ययन की दिशा
पापुआ न्यू गिनी इलाके में मिली यह खोपड़ी सबसे प्रारंभिक मानव अवशेषों में से एक है। इसे गत 88 वर्षों से गलती के चलते होमो इरेक्टस मान लिया गया था जो 1,40,000 साल पहले विलुप्त हो गए थे।
लेकिन बाद में वैज्ञानिक डेटिंग से पता चला कि यह 6000 साल पुरानी खोपड़ी है। भूगर्भ शास्त्री जेम्स गॉफ के मुताबिक अब सुनामी से जुड़े नये शोध के कारण प्राचीन आबादी के अध्ययन की दिशा बदल सकती है।
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वर्तमान में खोपड़ी की जांच से जो दिलचस्प पहलू सामने आया है उसे लेकर वैज्ञानिकों को सुनामी में लुप्त हुई सभ्यता की खोज करने में काफी आसानी हो सकेगी। प्रख्यात शोध जर्नल ‘प्लो-एस वन’ में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा कि सुनामी की चपेट में आकर मरने वाला यह सबसे पुराना ज्ञात शख्स है।
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नये शोध में पाया गया कि जिस जगह पर 6000 साल पुरानी खोपड़ी मिली थी वहां की तलछट के अध्ययन में सुनामी के चिन्ह भी मिले हैं। बारीकी से देखने पर पता चला कि यह एकदम वैसी ही सुनामी थी जैसी 1998 के दौरान इस इलाके में आई थी।
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ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स में सुनामी विशेषज्ञ जेम्स गॉफ ने बताया कि पापुआ न्यू गिनी के उत्तरी तट से 12 किलोमीटर दूर आइटापे शहर में मिली मानव की खोपड़ी यह भी बताती है कि दुनिया के तटवर्ती इलाकों में इंसानों की बसाहट किस तरह की रही है।
इन घटनाओं का इंसानों के प्रवास, बसावट और संस्कृति पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। वैज्ञानिकों को जिस नदी के तल से खोपड़ी मिली वहां एकत्रित भूगर्भीय तलछटों के अध्ययन में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
बदली अध्ययन की दिशा
पापुआ न्यू गिनी इलाके में मिली यह खोपड़ी सबसे प्रारंभिक मानव अवशेषों में से एक है। इसे गत 88 वर्षों से गलती के चलते होमो इरेक्टस मान लिया गया था जो 1,40,000 साल पहले विलुप्त हो गए थे।
लेकिन बाद में वैज्ञानिक डेटिंग से पता चला कि यह 6000 साल पुरानी खोपड़ी है। भूगर्भ शास्त्री जेम्स गॉफ के मुताबिक अब सुनामी से जुड़े नये शोध के कारण प्राचीन आबादी के अध्ययन की दिशा बदल सकती है।