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अफगानिस्तान में सात भारतीय इंजीनियर को सरकारी अफसर समझ किया अगवा, तालिबान पर शक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 07 May 2018 03:46 AM IST
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अफगानिस्तान के बागलान प्रांत में एक ऊर्जा कंपनी में कार्यरत सात भारतीय इंजीनियरों समेत आठ लोगों को अज्ञात बंदूकधारियों ने रविवार को अगवा कर लिया। किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस क्षेत्र में तालिबान का प्रभाव है। स्थानीय अधिकारियों ने इसी संगठन पर शक जताया है।
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भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे अफगानिस्तान अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। घटना की ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों के हवाले से अफगानिस्तान के टोलोन्यूज ने बताया है कि बागलान प्रांत की राजधानी पुल-ए-खोमेरे के बाग-ए-शामल गांव में बंदूकधारियों ने सात भारतीयों और एक अफगानिस्तान कर्मचारी को अगवा किया है।
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भारतीय मिनी बस से सरकारी भ्रमण कर रहे थे। तभी अफगानी ड्राइवर समेत उन्हें अगवा कर लिया गया। सभी भारतीय कंपनी केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के कर्मचारी हैं। वारदात वाले इलाके में कंपनी का बिजली सब स्टेशन का कांट्रैक्ट है।
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अफगानिस्तान के अधिकारियों से आगे की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। केईसी उन बड़ी भारतीय कंपनियों में से एक है, जो अफगानिस्तान में बिजली आपूर्ति के लिए उत्तरदायी हैं।
अफगानिस्तान में करीब 150 इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। कंपनी केईसी ने अब तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कंपनी के अधिकारी अफगानिस्तान के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।
सरकारी कर्मचारी समझकर गलती से किया अगवा : गवर्नर नेमाती
बागलान ने गवर्नर अब्दुला नेमाती ने बताया कि स्थानीय लोगों के माध्यम से तालिबान से बात की गई, तो आतंकी संगठन ने कहा कि वे गलती से बिजली कंपनी के कर्मचारियों को अगवा कर ले गए हैं। उन्होंने उन्हें सरकारी कर्मचारी समझा था। रिहाई के लिए कबीले के बुजुर्गों और बिचौलियों से बात की जा रही है।
अफगानिस्तान में अपहरण सामान्य बात
फिरौती के लिए स्थानीय नागरिकों का अपहरण अफगानिस्तान में सामान्य बात है। बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी से स्थिति बदतर हो गई है। 2016 में भी एक भारतीय महिला कार्यकर्ता को अगवा कर लिया गया था। उसे 40 दिन बार रिहा किया गया। भारत सरकार अफगानिस्तान में रहने वाले और सफर पर गए भारतीयों के लिए समय-समय पर सुरक्षा अलर्ट जारी करती रहती है।