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मिस्र में ईसाईयों से भरी बस पर हमला, बंदूकधारियों ने 23 को मौत के घाट उतारा

Fri, 26 May 2017 05:26 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Fri, 26 May 2017 05:26 PM IST
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 23 killed in attack on bus carrying Coptic Christians in Egypt

मिस्र में कॉप्टिक ईसाईयों को ले जा रही एक बस पर बंदूकधारियों ने हमला किया है।

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मिस्र के प्रांतीय गवर्नर ने कहा है कि दक्षिणी मिस्र में हुए इस हमले में 23 लोगों की मौत हो गई है और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हाल के महीनों में देश में कॉप्टिक ईसाईयों पर कई हमले हुए हैं जिनकी जिम्मेदारी कथित इस्लामिक स्टेट के मिस्र शाखा ने ली है। इस साल अप्रैल में दो कॉप्टिक चर्चों पर आत्मघाती हमले हुए थे जिनमें 40 लोगों की मौत हुई थी।

इस हमले के बाद राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी और कहा था कि जिहादियों को खत्म करने के लिए वो हरसंभव कोशिश करेंगे।

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कौन हैं कॉप्टिक ईसाई?

 23 killed in attack on bus carrying Coptic Christians in Egypt

कॉप्टिक ऑर्थोडॉक्स चर्च मिस्र का मुख्य ईसाई चर्च है। चर्च में आस्था रखने वाले अधिकतर लोग मिस्र में रहते हैं, लेकिन इसमें आस्था रखने वाले कॉरीब 10 लाख लोग मिस्र के बाहर भी हैं।

इस चर्च में आस्था रखने वाले मानते हैं कि उनका चर्च 50 ईस्वी का है। इसे उस वक्त बनाया गया था जब प्रचारक मार्क मिस्र आए थे। चर्च के प्रमुख को पोप कहा जाता है और उन्हें प्रचारक मार्क का उत्तराधिकारी माना जाता है।

यीशू मसीह के मानव होने या दैवीय होने पर हुए विवाद के बाद 451 एडी में काउंसिल ऑफ चाल्सिडॉन में कॉप्टिक चर्च ने अन्य ईसाई आस्थाओं से अपने को इससे अलग कर लिया था।

शुरूआती दिनों में रोमन साम्राज्य में इस आस्था को मानने वालों को कई यातनाएं झेलनी पड़ी। बाद में मिस्र के मुस्लिम राज्य बनने के बाद कॉप्टिक आस्था मानने वालों की हत्याएं भी हुई थीं।

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