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इतिहास में अब तक का सबसे गर्म साल है 2016 - संयुक्त राष्ट्र 

Wed, 09 Nov 2016 11:47 PM IST
एजेंसी/ जेनेवा
एजेंसी/ जेनेवा Updated Wed, 09 Nov 2016 11:47 PM IST
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2016, warmest year in history: wmo
पिछले पांच साल (2011-2015) के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए साल 2016 इतिहास में सबसे गर्म साल साबित हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी इस रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन के लिए मानवीय हस्ताक्षेप को जिम्मेदार ठहराया गया है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन का विस्तृत विश्लेषण किया और इसमें लगातार बढ़ रही मानवीय संलिप्तता को खतरनाक बताया है। 
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तापमान के उच्च स्तर की वजह से समुद्र के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के साथ ही आर्कटिक सागर की बर्फ, महाद्वीपीय ग्लेशियर और उत्तरी गोलार्ध में ढकी बर्फ भी लगातार पिघल रही है। यह सभी जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाउस गैस की वजह से लगातार गर्म हो रहे तापमान का संकेत दे रहे हैं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने इस बाबत संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में अपनी रिपोर्ट जमा की। जिसके मुताबिक 2015 में वातावरण में कार्बन-डाई-ऑक्साइड की मात्रा अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 
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डब्ल्यूएमओ के महासचिव पेटरी तालस ने बताया कि पेरिस जलवायु समझौते का उद्देश्य बढ़ते हुए वैश्विक तापमान को 2 डिग्री सेल्सियस से कम स्तर तक लाने का है, जबकि हम इस स्तर को शुरुआती औद्योगीकरण के समय में रहे 1.5 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2015 का औसत तापमान पहले ही एक डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू चुका है। पिछले पांच साल अब तक के सबसे गर्म साल रहे हैं, जिसमें से साल 2015 को सबसे अधिक गर्म साल माना गया। लेकिन अब साल 2016 पिछले पांच सालों के रिकॉर्ड को तोड़ने की राह में है। 
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