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7 जून 1893 की वह घटना जिसने लिख दी थी आजादी की इबारत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jun 2018 05:10 PM IST
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वह तारीख 7 जून 1893 थी जब दक्षिण अफ्रीका में यूरोप का नागरिक न होने की वजह से मोहन दास करमचंद गांधी (महात्मा गांधी) को चलती ट्रेन से फेंक दिया गया था। जिसने गांधी जी को सत्याग्रह आंदोलन के के लिए प्रेरित किया था।
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आज महात्मा गांधी को रेलगाड़ी के डिब्बे से फेंके जाने वाली घटना की 125 वीं वर्षगांठ है और इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दक्षिण अफ्रीका में हैं। उन्होंने इस मौके पर वहां कॉफीटेबल बुक लांच की है। बता दें कि ट्रेन से फेंके जाने के बाद महात्मा गांधी ने पीटरमेरिट्जबर्ग की फीनिक्स बस्ती में अहिंसा दर्शन विकसित किया था और और भारत में आजादी की इबारत लिखी थी।
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कॉफी टेबल बुक के लोकार्पण के दौरान सुषमा स्वराज ने कहा कि हमें यह याद रखना चाहिए कि दुनिया के दो बड़े मूवमेंट की शुरुआत इसी धरती से हुई थी। इसी धरती से दो व्यक्तियों ने अन्याय और अधीनता के खिलाफ आवाज बुलंद की और अपने अपने राष्ट्र को मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि गांधी और मंडेला की अपरिवर्तनीय भावना की उपस्थिति इस जगह पर दिखाई देती है।
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उन्होंने आगे कहा कि हमें सचेत होना चाहिए कि इस ग्रह पर दो सबसे बड़ी गतिविधियों ने यहां शुरुआत की, जिसने अन्याय और अधीनता दोनों व्यक्तियों और राष्ट्रों को मुक्त किया।
सुषमा स्वराज ने आगे कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका परंपरा और मजबूत सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों वाले दो आधुनिक राष्ट्रों के रूप में उभरे हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह पीटरमेरिट्जबर्ग ही है जहां हमने आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्र बनने की यात्रा शुरू की थी।
सुषमा स्वराज पांच दिवसीय दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर हैं। उन्होंने बुधवार को दक्षिण अफ्रीकी विरासत स्थल फीनिक्स बस्ती का दौरा किया। उस स्थान पर जाकर उन्होंने सम्मान प्रकट किया साथ ही उन्होंने वहां पर केप चेस्टनट का पौधा भी लगाया था।
शानदार फूलों के कारण इस वृक्ष को वहां बहुतायत लगाया जाता है। यही नहीं इस मौके पर स्वराज ने भारत सरकार द्वारा स्थापित ‘महात्मा गांधी कम्प्यूटर शिक्षा एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान’ के छात्रों से संवाद भी किया। स्वराज ने उसके छात्रों से भी मुलाकात की। 1915 में भारत वापस आने से पहले गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में 21 साल बिताए थे।
India & South Africa have emerged as two modern nations steeped in tradition and strong cultural and family values but let us not forget that it was here in #Pietermaritzburg that we started our journey to become modern democratic nations: EAM Sushma Swaraj #SouthAfrica pic.twitter.com/DdwwHUlJ25
— ANI (@ANI) June 7, 2018