अमेरिका: बाइडन के वैक्सीन आदेश के खिलाफ बागी मुद्रा में आ गए हैं रिपब्लिकन नेता
अमेरिकी राज्य ओहायो में सीनेट सदस्यता के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जेडी वेन्स ने गुरुवार को लोगों से ‘व्यापक सिविल नाफरमानी’ आंदोलन छेड़ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करने का फैसला लगभग दो-तिहाई अमेरिकी कर्मियों के अधिकारों का उल्लंघन है...
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कोरोना वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करने के राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश के खिलाफ रिपब्लिकन पार्टी लामबंद हो गई है। उसके नेताओं ने आम जनता से इस फैसले के खिलाफ उठ खड़ा होने का आह्वान किया है। अमेरिकी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक ये आह्वान कुछ वैसा ही है, जैसा आठ महीने पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लोगों से पिछले राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे को लेकर किया था। ट्रंप ने अपनी हार और बाइडन की जीत को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। उनकी उसी मुहिम के कारण इस साल छह जनवरी को 500 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने कैपिटल हिल (संसद भवन) पर हमला बोल दिया था।
विशेषज्ञों ने कहा है कि जिस तरह की सिविल नाफरमानी की अपील रिपब्लिकन नेताओं ने वैक्सीन मसले पर की है, वैसा इसके पहले अमेरिका में दशकों में कभी किसी सरकार के खिलाफ नहीं किया गया। अमेरिकी राज्य ओहायो में सीनेट सदस्यता के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जेडी वेन्स ने गुरुवार को लोगों से ‘व्यापक सिविल नाफरमानी’ आंदोलन छेड़ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करने का फैसला लगभग दो-तिहाई अमेरिकी कर्मियों के अधिकारों का उल्लंघन है। वेन्स ने कहा- ‘अमेरिका के व्यापारी समुदाय के लिए मेरा सीधा संदेश है- इस आदेश का पालन ना करें।’
जो बाइडन ने वैक्सीन अनिवार्य करने का आदेश जारी करते हुए कहा था- ‘मेरी इस योजना का असर 10 करोड़ अमेरिकियों- यानी कुल कर्मचारियों के दो तिहाई हिस्से पर पड़ेगा।’ बाद में सामने आए विवरण के मुताबिक जिस सरकारी विभाग, कॉन्ट्रैक्ट वर्क या निजी कंपनी में 100 से ज्यादा कर्मचारी हैं, वहां सबका टीकाकरण अनिवार्य होगा। राष्ट्रपति के इस आदेश को कई राज्यों के रिपब्लिकन गवर्नरों ने कोर्ट में चुनौती देने का एलान किया है। साउथ डेकोटा राज्य के गवर्नर क्रिस्टी नोएम ने टीवी चैनल फॉक्स न्यूज से कहा- ‘साउथ डेकोटा राज्य में हम अपनी आजादी कायम रखेंगे। मेरी लीगल टीम इस दिशा में काम शुरू कर चुकी है।’
रिपब्लिकन पार्टी के एक सलाहकार ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा कि जो बाइडन ने वैक्सीन को लेकर जो बहस छेड़ी है, उससे हर रिपब्लिकन नेता खुश है। रिपब्लिकन पार्टी का आकलन है कि इस आदेश के बाद बहुत से वे लोग भी जबरन टीकाकरण के खिलाफ हो गए हैं, जो वैसे वैक्सीन के समर्थक हैं।
बाइडन प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने इसी वेबसाइट से कहा कि राष्ट्रपति को इस बात का अंदाजा था कि उनके ऐसे आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी। लेकिन आखिरकार उन्होंने सोचा कि अगर इस मामले में किसी ने साहस नहीं दिखाया, तो हम हमेशा महामारी का शिकार बने रहने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस अधिकारी ने दावा किया कि देश के 75 फीसदी लोग टीकाकरण के पक्ष में हैं। राष्ट्रपति उनको ही एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन गुरुवार को अमेरिका में ट्विटर पर टॉप ट्रेंड आईविलनॉटकॉप्लाय (मैं आदेश नहीं मानूंगा) हैशटैग कर रहा था। इस बीच वाशिंगटन में दक्षिणपंथी गुटों ने ‘जस्टिस फॉर जे-6’ रैली आयोजित की है। इस रैली का मकसद छह जनवरी को कैपिटल हिल पर हुए हमले में शामिल अभियुक्तों को ‘न्याय’ दिलवाना है। जानकारों का कहना है कि वैक्सीन को लेकर भड़की जनभावना से इस रैली में मौजूदगी बढ़ सकती है। इसलिए प्रशासन को अब अधिक सतर्कता बरतनी पड़ेगी।